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डीएलएड संस्थानों की जांच के आदेश से संचालकों में आक्रोश
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:09 AM IST
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बागपत। कलक्ट्रेट में स्व: वित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के बैनर तले कॉलेज संचालकों ने प्रदर्शन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा डीएलएड संस्थानों की जांच करने के आदेश पर आक्रोश जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित दस सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा।
बृहस्पतिवार को पहुंचे कॉलेज संचालकों ने कहा कि प्रदेश सरकार डीएलएड संस्थानों की दोबारा जांच कराने के लिए अधिकारियों का पैनल गठन कर रही है, जो नियम के विरुद्ध है। जब उनको मान्यता मिलती है तो इसकी जांच पहले ही हो जाती है। प्रदेश सरकार यह आदेश करके उनका उत्पीड़न करना चाहती है, इसे वह सहन नहीं करेंगे। उन्होंने दस सूत्रीय मांग की, इसमें कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में संचालित सभी संस्थान एनटीटीई से मान्यता प्राप्त, मान्यता देने से पहले सरकार ने अपने किसी भी अधिकारी को जांच के लिए नहीं भेजा, मानकों के भौतिक सत्यापन व मान्यता का अधिकार सिर्फ एनसीटीई को सेक्सन 13 के तहत प्राप्त है और राज्य सरकार बार-बार निरीक्षण करने का अधिकार नहीं है। चेतावनी दी कि जब तक जांच को निरस्त नहीं किया जाता, तब तक उनकी संस्था शिक्षण कार्यों को बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेगी। मांग पत्र मुख्यमंत्री को संबोधित डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को सौंपा। इसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश जैन, सचिव संजीव तोमर, मीडिया प्रभारी प्रविंद्र धामा, कोषाध्यक्ष आदेश राणा, हरेंद्र तोमर, कपिल तोमर, प्रदीप चौहान, सागर तोमर, पंकज यादव, विकास राणा, अरविंद गुप्ता, अजित यादव आदि रहे।
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बृहस्पतिवार को पहुंचे कॉलेज संचालकों ने कहा कि प्रदेश सरकार डीएलएड संस्थानों की दोबारा जांच कराने के लिए अधिकारियों का पैनल गठन कर रही है, जो नियम के विरुद्ध है। जब उनको मान्यता मिलती है तो इसकी जांच पहले ही हो जाती है। प्रदेश सरकार यह आदेश करके उनका उत्पीड़न करना चाहती है, इसे वह सहन नहीं करेंगे। उन्होंने दस सूत्रीय मांग की, इसमें कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में संचालित सभी संस्थान एनटीटीई से मान्यता प्राप्त, मान्यता देने से पहले सरकार ने अपने किसी भी अधिकारी को जांच के लिए नहीं भेजा, मानकों के भौतिक सत्यापन व मान्यता का अधिकार सिर्फ एनसीटीई को सेक्सन 13 के तहत प्राप्त है और राज्य सरकार बार-बार निरीक्षण करने का अधिकार नहीं है। चेतावनी दी कि जब तक जांच को निरस्त नहीं किया जाता, तब तक उनकी संस्था शिक्षण कार्यों को बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेगी। मांग पत्र मुख्यमंत्री को संबोधित डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को सौंपा। इसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश जैन, सचिव संजीव तोमर, मीडिया प्रभारी प्रविंद्र धामा, कोषाध्यक्ष आदेश राणा, हरेंद्र तोमर, कपिल तोमर, प्रदीप चौहान, सागर तोमर, पंकज यादव, विकास राणा, अरविंद गुप्ता, अजित यादव आदि रहे।
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