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इमरजेंसी और लोकल विद्युत कटौती से लोग बेहाल
Updated Fri, 31 Aug 2018 01:25 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
विद्युत निगम के नगर और क्षेत्र मेें 18 से 24 घंटे बिजली सप्लाई के दावे फेल साबित हो रहे हैं। गांव में स्थिति ओर भी खराब है। इमरजेंसी विद्युत कटौती ने लोगों का चैन छीन लिया है। कभी दिन मेें तो कभी रात में कटौती हो रही है। रही सही बिजली स्थानीय फाल्ट की भेंट कर्मचारी चढ़ा रहे हैं। इसको लेेकर लोगों में ऊर्जा निगम के खिलाफ लोगों में आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं।
स्थानीय स्तर और इमरजेंसी बिजली कटौती से हर तबका परेशान है। शहर मेें पिछले एक माह से औसतन प्रतिदिन छह घंटे कटौती की जा रही है। लोगों के अनुसार ऊपर से बिजली विभाग को मिलने वाली बिजली कर्मचारी भी फाल्ट ठीक करने के बहाने खराब कर देते है। नगर मेें कोई दिन ऐसा नहीं है, जिसमें फाल्ट न होता हो। स्थानीय कर्मचारी बिजली चोरों से मिलकर लगातार विभाग को चूना लगाने में जुटे हैं। शिकायत करने के बावजूद न तो जेई इस ओर ध्यान दे रहे हैं और न ही एसडीओ। पूरे दिन कर्मचारी मुख्य शिकायत केंद्र पर जमा रहते हैं। तार और खंभा टूटने की शिकायत पर भी सुनवाई नहीं हो रही है। इसको लेकर लोगों में ऊर्जा निगम के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन का मन बना रहे हैं। एक्सईएन द्वितीय याद्ववेंद्र ने कहा लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी। लोगों को अधिक से अधिक सप्लाई दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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विद्युत निगम के नगर और क्षेत्र मेें 18 से 24 घंटे बिजली सप्लाई के दावे फेल साबित हो रहे हैं। गांव में स्थिति ओर भी खराब है। इमरजेंसी विद्युत कटौती ने लोगों का चैन छीन लिया है। कभी दिन मेें तो कभी रात में कटौती हो रही है। रही सही बिजली स्थानीय फाल्ट की भेंट कर्मचारी चढ़ा रहे हैं। इसको लेेकर लोगों में ऊर्जा निगम के खिलाफ लोगों में आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं।
स्थानीय स्तर और इमरजेंसी बिजली कटौती से हर तबका परेशान है। शहर मेें पिछले एक माह से औसतन प्रतिदिन छह घंटे कटौती की जा रही है। लोगों के अनुसार ऊपर से बिजली विभाग को मिलने वाली बिजली कर्मचारी भी फाल्ट ठीक करने के बहाने खराब कर देते है। नगर मेें कोई दिन ऐसा नहीं है, जिसमें फाल्ट न होता हो। स्थानीय कर्मचारी बिजली चोरों से मिलकर लगातार विभाग को चूना लगाने में जुटे हैं। शिकायत करने के बावजूद न तो जेई इस ओर ध्यान दे रहे हैं और न ही एसडीओ। पूरे दिन कर्मचारी मुख्य शिकायत केंद्र पर जमा रहते हैं। तार और खंभा टूटने की शिकायत पर भी सुनवाई नहीं हो रही है। इसको लेकर लोगों में ऊर्जा निगम के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन का मन बना रहे हैं। एक्सईएन द्वितीय याद्ववेंद्र ने कहा लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी। लोगों को अधिक से अधिक सप्लाई दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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