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निर्माण में तेजी, पीएमओ - एनएचएआई की टीम करेगी दौरा
Updated Wed, 21 Mar 2018 01:16 AM IST
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बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) के निर्माण की प्रगति जानने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और एनएचएआई के अधिकारियों की टीम बुधवार या बृहस्पतिवार को दौरा करेगी। सोनीपत के कुंडली से बागपत सीमा तक एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण को देखकर तैयारी की। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने सफाई व्यवस्था कराई। निर्माण कार्य ने भी तेजी पकड़ ली है। अप्रैल के पहले सप्ताह में निर्माण पूरा होने की उम्मीद है, इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे।
दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम करने के लिए बनाया जा रहा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पूरी तरह एक्सिस कंट्रोल रहेगा। इसकी शुरूआत हो जाने के बाद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने के लिए अब लोगों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं रहेगी। वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के साथ मिलकर यह दिल्ली के चारों ओर रिंग रोड बन जाएगा। अप्रैल के पहले सप्ताह में इसके उद्घाटन की संभावना है। प्रधानमंत्री कार्यालय और एनएचएआई के अधिकारियों की टीम सोनीपत के कुंडली पहुंचकर बागपत सीमा तक निर्माण कार्य की प्रगति जानने के लिए बुधवार या बृहस्पतिवार को आएंगे। इसके लिए मंगलवार को तैयारी तेज चल रहीं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के निर्देशन में एक्सप्रेस-वे पर सफाई और निर्माण कार्य तेज गति से किया।
बागपत में 20 किमी का टुकड़ा
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। बागपत के गांव काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलम गिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा।
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ऐसा है ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे
एनएचएआई के अधिकारी बताते हैं कि 135 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का निर्माण 14 सितंबर 2015 को शुरू हुआ। इस पर चार बड़े पुल हैं, जिनमें दो पुल यमुना नदी पर, एक हिंडन और एक आगरा में है। इसके अलावा 45 छोटे पुल, रेलवे ओवर ब्रिज आठ हैं। फ्लाईओवर चार, अंडर पास की संख्या करीब तीन सौ से ज्यादा है।
एक्सप्रेस-वे पर सात जगह मिलेंगे कट
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मवी कलां में।
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दुहाई में।
दिल्ली-हापुड़ मार्ग पर डासना में।
गाजियाबाद-अलीगढ़ मार्ग पर बील अकबरपुर में।
कसाना-बुलंदशहर मार्ग पर सिरसा गांव के निकट।
अटाली-चेनसा मार्ग पर मौजपुर में।
दिल्ली-आगरा मार्ग पर पलवल में।
प्रत्येक 25 किमी बाद मिलेगी जन सुविधाएं
बागपत। एक्सप्रेस-वे पर प्रत्येक 25 किमी बाद जन सुविधाएं मिलेगी। इनमें प्रसाधन केंद्र के अलावा खानपान की दुकानों की भी व्यवस्था करने का प्रावधान है।
एचटीएमएस से हाईवे की रहेगी निगरानी
बागपत। हाईवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से निगरानी की जाएगी। मैसेज सिस्टम, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वॉर्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम समेत अन्य आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल इस हाईवे पर किया जाएगा।
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दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम करने के लिए बनाया जा रहा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पूरी तरह एक्सिस कंट्रोल रहेगा। इसकी शुरूआत हो जाने के बाद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने के लिए अब लोगों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं रहेगी। वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के साथ मिलकर यह दिल्ली के चारों ओर रिंग रोड बन जाएगा। अप्रैल के पहले सप्ताह में इसके उद्घाटन की संभावना है। प्रधानमंत्री कार्यालय और एनएचएआई के अधिकारियों की टीम सोनीपत के कुंडली पहुंचकर बागपत सीमा तक निर्माण कार्य की प्रगति जानने के लिए बुधवार या बृहस्पतिवार को आएंगे। इसके लिए मंगलवार को तैयारी तेज चल रहीं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के निर्देशन में एक्सप्रेस-वे पर सफाई और निर्माण कार्य तेज गति से किया।
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बागपत में 20 किमी का टुकड़ा
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। बागपत के गांव काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलम गिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा।
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ऐसा है ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे
एनएचएआई के अधिकारी बताते हैं कि 135 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का निर्माण 14 सितंबर 2015 को शुरू हुआ। इस पर चार बड़े पुल हैं, जिनमें दो पुल यमुना नदी पर, एक हिंडन और एक आगरा में है। इसके अलावा 45 छोटे पुल, रेलवे ओवर ब्रिज आठ हैं। फ्लाईओवर चार, अंडर पास की संख्या करीब तीन सौ से ज्यादा है।
एक्सप्रेस-वे पर सात जगह मिलेंगे कट
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मवी कलां में।
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दुहाई में।
दिल्ली-हापुड़ मार्ग पर डासना में।
गाजियाबाद-अलीगढ़ मार्ग पर बील अकबरपुर में।
कसाना-बुलंदशहर मार्ग पर सिरसा गांव के निकट।
अटाली-चेनसा मार्ग पर मौजपुर में।
दिल्ली-आगरा मार्ग पर पलवल में।
प्रत्येक 25 किमी बाद मिलेगी जन सुविधाएं
बागपत। एक्सप्रेस-वे पर प्रत्येक 25 किमी बाद जन सुविधाएं मिलेगी। इनमें प्रसाधन केंद्र के अलावा खानपान की दुकानों की भी व्यवस्था करने का प्रावधान है।
एचटीएमएस से हाईवे की रहेगी निगरानी
बागपत। हाईवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से निगरानी की जाएगी। मैसेज सिस्टम, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वॉर्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम समेत अन्य आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल इस हाईवे पर किया जाएगा।