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सार्वजनिक स्थलों पर लिखे जाएंगे बाल संरक्षण अधिकारियों के नंबर
Updated Sun, 18 Feb 2018 01:16 AM IST
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सार्वजनिक स्थलों पर लिखे जाएंगे
बाल संरक्षण अधिकारियों के नंबर
बागपत। जिले में सार्वजनिक स्थानों पर बाल संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित अधिकारियों के मोबाइल चस्पा कराएं जाएंगे ताकि कोई भी व्यक्ति फोन कर इन अधिकारियों को बाल अधिकारों के हो रहे हनन की जानकारी दें सकेंगे। इसके लिए एसपी ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिले में अक्सर बाल अधिकारों के हनन के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में लोगों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती है। बाल संरक्षण कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी की ओर से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से बाल संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित अधिकारियों के नंबर सार्वजनिक करने की मांग की गई थी। तिवारी ने बताया कि तीन जिलो में इसे लागू करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित अधिकारियों के नंबर अब सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा किए होंगे।
उन्होंने बताया कि प्रभारी एएचटीयू, विधि सहपरिवीक्षा अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी, सीडब्ल्यूसी, श्रम विभाग, सामाजिक कार्यकर्ता के नंबर लिखे जाएंगे। तीनों जिलों के एसपी ने इसके कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि 2006 के प्रावधान को अब जाकर लागू किया गया है। इससे लाभ पहुंचेगा।
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बाल संरक्षण अधिकारियों के नंबर
बागपत। जिले में सार्वजनिक स्थानों पर बाल संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित अधिकारियों के मोबाइल चस्पा कराएं जाएंगे ताकि कोई भी व्यक्ति फोन कर इन अधिकारियों को बाल अधिकारों के हो रहे हनन की जानकारी दें सकेंगे। इसके लिए एसपी ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिले में अक्सर बाल अधिकारों के हनन के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में लोगों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती है। बाल संरक्षण कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी की ओर से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से बाल संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित अधिकारियों के नंबर सार्वजनिक करने की मांग की गई थी। तिवारी ने बताया कि तीन जिलो में इसे लागू करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित अधिकारियों के नंबर अब सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा किए होंगे।
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उन्होंने बताया कि प्रभारी एएचटीयू, विधि सहपरिवीक्षा अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी, सीडब्ल्यूसी, श्रम विभाग, सामाजिक कार्यकर्ता के नंबर लिखे जाएंगे। तीनों जिलों के एसपी ने इसके कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि 2006 के प्रावधान को अब जाकर लागू किया गया है। इससे लाभ पहुंचेगा।
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