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वेतनभोगी वर्ग को ध्यान रखकर पेश हो बजट
Updated Wed, 31 Jan 2018 01:41 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
पहली फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट 2018-19 पर सभी की निगाहें टिकी हुई है। इस आम बजट से लोगों को काफी उम्मीद है। इसमें वक्ताओं ने कहा सरकार को मध्यम वर्ग और वेतनभोगी लोगों को ध्यान में रखकर बजट बनाना चाहिए।
बजट पर अपने राय देते हुए पूर्व अध्यक्ष वाणिज्य विभाग दिगंबर जैन कॉलेज बड़ौत एवं प्राचार्य कालिंदी कॉलेज डॉ. आरऐ गर्ग ने कहा कि नोट बंदी एवं जीएसटी लागू होने के बाद गरीब व्यक्ति, मध्यम वर्ग की एवं वेतनभोगी कर्मचारियों की आशा बढ़ गई है। उन्होंने कहा अर्थशास्त्री एवं आयकर विशेषज्ञ होने के नाते मेरा मानना है कि सबसे अधिक करदाता देश में वेतनभोगी है, इसलिए गत वर्ष की तुलना में करदाताओं की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा बजट में वेतनभोगी करदाताओं को कम से कम पचास हजार की अतिरिक्त स्टेंडर्ड कटौती दी जाए। वरिष्ठ वर्ग के व्यक्तियों की न्यूनतम आयकर सीमा तीन लाख से बढ़ाकर चार लाख की जाए।
कालिंदी कॉलेज के कॉमर्स विभाग से आंचल जैन कहते है कि आयकर की दरों में 5, 20 और 30 प्रतिशत से अधिक अंतर को समाप्त किया जाए। इससे 5, 15 और 25 प्रतिशत से निश्चित आयकर दाताओं की संख्या बढे़गी और आयकर की प्राप्ति होगी। कॉलेज के प्रोफेसर तरुण जैन ने कहा कर की चोरी रोकने के लिए नकद लेन-देन पर और अधिक प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है। इससे गलत काम करने वालों पर कुछ प्रतिबंध लग सकता है। कॉलेज में बीटीसी विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुनीता जैन ने कहा घर खरीदने के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज की कटौती प्रारंभ से ही दी जाए, न की घर बनने के बाद। इससे प्रापर्टी में आई गिरावट थमेगी। उन्होंने कहा मध्यम और नौकरी वर्ग को ध्यान में रखकर बजट बनाया जाना चाहिए।
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पहली फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट 2018-19 पर सभी की निगाहें टिकी हुई है। इस आम बजट से लोगों को काफी उम्मीद है। इसमें वक्ताओं ने कहा सरकार को मध्यम वर्ग और वेतनभोगी लोगों को ध्यान में रखकर बजट बनाना चाहिए।
बजट पर अपने राय देते हुए पूर्व अध्यक्ष वाणिज्य विभाग दिगंबर जैन कॉलेज बड़ौत एवं प्राचार्य कालिंदी कॉलेज डॉ. आरऐ गर्ग ने कहा कि नोट बंदी एवं जीएसटी लागू होने के बाद गरीब व्यक्ति, मध्यम वर्ग की एवं वेतनभोगी कर्मचारियों की आशा बढ़ गई है। उन्होंने कहा अर्थशास्त्री एवं आयकर विशेषज्ञ होने के नाते मेरा मानना है कि सबसे अधिक करदाता देश में वेतनभोगी है, इसलिए गत वर्ष की तुलना में करदाताओं की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा बजट में वेतनभोगी करदाताओं को कम से कम पचास हजार की अतिरिक्त स्टेंडर्ड कटौती दी जाए। वरिष्ठ वर्ग के व्यक्तियों की न्यूनतम आयकर सीमा तीन लाख से बढ़ाकर चार लाख की जाए।
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कालिंदी कॉलेज के कॉमर्स विभाग से आंचल जैन कहते है कि आयकर की दरों में 5, 20 और 30 प्रतिशत से अधिक अंतर को समाप्त किया जाए। इससे 5, 15 और 25 प्रतिशत से निश्चित आयकर दाताओं की संख्या बढे़गी और आयकर की प्राप्ति होगी। कॉलेज के प्रोफेसर तरुण जैन ने कहा कर की चोरी रोकने के लिए नकद लेन-देन पर और अधिक प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है। इससे गलत काम करने वालों पर कुछ प्रतिबंध लग सकता है। कॉलेज में बीटीसी विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुनीता जैन ने कहा घर खरीदने के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज की कटौती प्रारंभ से ही दी जाए, न की घर बनने के बाद। इससे प्रापर्टी में आई गिरावट थमेगी। उन्होंने कहा मध्यम और नौकरी वर्ग को ध्यान में रखकर बजट बनाया जाना चाहिए।
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