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बागपत में बुखार का कहर, दाहा में छात्रा की मौत
Updated Thu, 02 Nov 2017 01:26 AM IST
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बागपत। एक तरफ बुखार कहर ढा रहा है। कई लोगों की मौत हो चुकी है। दाहा के युवक निक्की की दिल्ली में मौत हो गई। जिला चिकित्सालय से डेंगू की प्राथमिक जांच में पॉजेटिव पाने के बाद मरीजों को मेरठ के लिए रेफर किया जा रहा है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग खुद इसे वायरल का प्रकोप बता रहा है। यह भी दावा कर रहा है कि बुखार से किसी की मौत अभी जिले में नहीं हुई है।
दाहा निवासी निक्की (21) को पिछले कई दिन से बुखार था। परिजन इलाज के लिए दिल्ली ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके अलावा बागपत में डेंगू कहर बरपा रहा है। जिला अस्पताल से पिछले 15 दिन में ही 22 से अधिक लोगों को प्राथमिक जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। यहां से इन मरीजों को इलाज के लिए मेरठ रेफर किया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अंतिम जांच मेरठ में ही होगी और वहीं से पुष्टि की जाएगी।
बागपत के मोहल्ला ईदगाह निवासी वाजिद, माता कॉलोनी निवासी रेशमा, सद्दाम, नासिर, अली, काला, पुराना कस्बा निवासी राहुल, अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी ममता, जिला अस्पताल के निकट रहने वाले रोहित, नंगला-बहलोलपुर निवासी सहिना, लोनी निवासी विकास, कासमाबाद दुड़भा निवासी रोहिता, तिलपनी निवासी भूरी, निवाड़ा निवासी शाहिदा, काठा के आर्यन, निवाड़ा के ब्रजपाल, पाबला के निशांत और निनाना के विनीत कुमार को प्राथमिक जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हो जाने पर मेरठ रेफर किया। इससे पहले खपराणा में सोमवार को 70 वर्षीय रामशरण की मौत हो गई थी। रटौल में कई लोगों की जान बुखार से गई। सीएमओ डॉ सुषमा चंद्रा कहती हैं कि बुखार से जिले में एक भी मौत नहीं हुई है।
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इनसेट
जानिए, डेंगू के लक्षण
सिर में तेज दर्द और बुखार
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
जी मिचलाना एवं उल्टी लगना
नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना
इनसेट
ऐसे बचिए डेंगू से
बुखार होने पर पेरासिटामॉल लें
तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
ठंडे पानी से शरीर को पोंछे
घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें
इनसेट
दिन में सक्रिय होता है डेंगू का मच्छर
डेंगू बुखार एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। यह दिन में अधिक सक्रिय होता है। ऐसे मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारी होती है। ठंडे और छांव वाली जगह पर रहते हैं। पानी सूख जाने के बाद इनके अंडे 12 माह बाद तक जीवित रह सकते हैं। घर के बर्तनों, कूलर, पानी की टंकी, घरों के आसपास पडे टायर, टूटे लोहे व प्लास्टिक के पात्रों में पानी इकट्ठा न होने दें।
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दाहा निवासी निक्की (21) को पिछले कई दिन से बुखार था। परिजन इलाज के लिए दिल्ली ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके अलावा बागपत में डेंगू कहर बरपा रहा है। जिला अस्पताल से पिछले 15 दिन में ही 22 से अधिक लोगों को प्राथमिक जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। यहां से इन मरीजों को इलाज के लिए मेरठ रेफर किया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अंतिम जांच मेरठ में ही होगी और वहीं से पुष्टि की जाएगी।
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बागपत के मोहल्ला ईदगाह निवासी वाजिद, माता कॉलोनी निवासी रेशमा, सद्दाम, नासिर, अली, काला, पुराना कस्बा निवासी राहुल, अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी ममता, जिला अस्पताल के निकट रहने वाले रोहित, नंगला-बहलोलपुर निवासी सहिना, लोनी निवासी विकास, कासमाबाद दुड़भा निवासी रोहिता, तिलपनी निवासी भूरी, निवाड़ा निवासी शाहिदा, काठा के आर्यन, निवाड़ा के ब्रजपाल, पाबला के निशांत और निनाना के विनीत कुमार को प्राथमिक जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हो जाने पर मेरठ रेफर किया। इससे पहले खपराणा में सोमवार को 70 वर्षीय रामशरण की मौत हो गई थी। रटौल में कई लोगों की जान बुखार से गई। सीएमओ डॉ सुषमा चंद्रा कहती हैं कि बुखार से जिले में एक भी मौत नहीं हुई है।
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जानिए, डेंगू के लक्षण
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जी मिचलाना एवं उल्टी लगना
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डेंगू बुखार एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। यह दिन में अधिक सक्रिय होता है। ऐसे मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारी होती है। ठंडे और छांव वाली जगह पर रहते हैं। पानी सूख जाने के बाद इनके अंडे 12 माह बाद तक जीवित रह सकते हैं। घर के बर्तनों, कूलर, पानी की टंकी, घरों के आसपास पडे टायर, टूटे लोहे व प्लास्टिक के पात्रों में पानी इकट्ठा न होने दें।