फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   जीएसटी के भंवर में फंसा बाजार

जीएसटी के भंवर में फंसा बाजार

Sun, 25 Jun 2017 12:07 AM IST
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
जीएसटी के भंवर में फंसा बाजार
जीएसटी के भंवर में फंसा बाजार
विज्ञापन


बड़ौत (बागपत)। पहली जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) को लेकर बाजार से हलचल है। विशेषज्ञों का दावा है कि जीएसटी लागू होने के बाद महंगाई की मार से त्रस्त जनता की मुश्किलें कम होंगी। फिलहाल बाजार में जीवनरक्षक दवाओं से लेकर कर के दायरे मेें आने वाली घरेलू वस्तुओं की कमी है। स्टॉक खाली करने के लिए ऑफर की बारिश की जा रही है।
नगर मेें कई जगहों पर जीएसटी लागू होने से पहले दवा का पुराना स्टॉक खपाने की होड़ मची है। मेडिकल स्टोर संचालक प्रभास जैन के अनुसार बड़ी कंपनियां हर महीने की अंतिम तारीख को थोक विक्रेता के साथ क्लोजिंग करती थी पर इस बार क्लोजिंग गत 20 तारीख को हो गई है। इसके चलते कुछ दवाओं की किल्लत है। फुटकर विक्रेता तो दवा खरीद ही नहीं रहे। कारण वर्तमान में दवाओं पर पांच और फूड सप्लीमेंट पर 14 प्रतिशत टैक्स है जबकि जीएसटी में दवाओं पर 12 से 28 प्रतिशत कर लगेगा। उधर, हौजरी कारोबार का कपड़ा बाजार जीएसटी के बाद मंहगा होने के आसार है।
विज्ञापन

कपड़ा व्यापारी सतेंद्र जैन का कहना है कि व्यापारी इसका विरोध जता चुके हैं। अब तक किसी सरकार ने कपड़े पर टैक्स नहीं लगाया था। मगर जीएसटी के बाद व्यापार पर असर पड़ेगा। उधर, जीएसटी लागू होने के बाद स्टॉक के सामान पर क्रेडिट को लेकर स्थिति साफ नहीं होने पर व्यापारी असमंजस में है। इसका फायदा ग्राहकों को हो रहा है। क्योंकि कई जगहों पर बाजारों मेें टीवी, फ्रिज, एसी और वॉशिंग मशीन पर कई प्रतिशत तक छूट दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed