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Baghpat News: कार्यशाला में 14 प्रधान आए, चार के पति और देवर पहुंचे
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बागपत विकास भवन में आयोजित कार्यशाला में भाग लेते प्रधान व प्रधान पति। संवाद
बागपत। विकास भवन के सभागार में भारतीय मानक ब्यूरो के निर्देश पर आयोजित कार्यशाला को लेकर प्रधानों में जागरुकता नहीं दिखी। जहां 44 में से 14 प्रधान ही कार्यशाला में पहुंचे, जबकि चार महिला प्रधानों के पति और प्रतिनिधि प्रशिक्षण लेने पहुंचे। जहां प्रधानों और सचिवों को गुणवत्ता निर्धारण का प्रशिक्षण दिया गया।
भारतीय मानक ब्यूरो की गाजियाबाद शाखा की तरफ से सोमवार को विकास भवन के सभागार में एक दिवसीय ग्राम पंचायत संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रधानों को गुणवत्ता निर्धारण के प्रति जागरुकता और भारतीय मानकों के अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए अभियान शुरू किया गया। जिसके चलते बागपत ब्लॉक के 44 गांवों के प्रधानों और सचिवों को कार्यशाला में बुलाया गया था। बताया कि प्रधानों में जागरुकता की कमी दिखी और 44 में से सिर्फ 14 प्रधान ही शामिल हुए, जबकि चार महिला प्रधानों की जगह उनके पति और देवर कार्यशाला में पहुंचे। जिसके चलते संवेदीकरण कार्यशाला में औपचारिकता होती मिली। उधर भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों ने कार्यशाला में आए ग्राम प्रधानों को जमीनी स्तर पर गुणवत्ता निर्धारण के नियम और तरीके बताए।
- इन महिला प्रधानों की जगह पति और देवर पहुंचे
पाली गांव की प्रधान शमा की जगह उनके पति गजेंद्र चौहान, जहानगढ़ उर्फ दौझा की प्रधान सलमा की जगह उनके पति यामीन, जबकि फैजपुर निनाना गांव की प्रधान प्रीति की जगह देवर रोहित धनकड़, फतेहपुर पुट्ठी की प्रधान अनीता की जगह सचिन तोमर कार्यशाला में पहुंचे। विकास भवन में कार्यशाला में एक भी महिला प्रधान नहीं पहुंची।
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- सभी ने बनाया एक ही बहाना
महिला प्रधानों के कार्यशाला में नहीं आने के कारण पर पति और देवर ने एक ही बहाना बनाया। जिसमें जहानगढ़ उर्फ दौझा गांव के प्रधानपति यामीन ने बताया कि उनकी पत्नी सलमा बीमार होने के कारण कार्यशाला में नहीं जा सकी। इसके अलावा पाली गांव के प्रधानपति गजेंद्र चौहान ने भी प्रधान शमा के बीमार होने का हवाला दिया।
- जागरुकता से मिलेंगे अच्छे उत्पाद
कार्यशाला में भारतीय मानक ब्यूरो के संयुक्त निदेशक दिव्यांशु यादव, आयुष राज, प्रियांशु आर्य और राजीव वर्मा ने कहा कि मानकों के प्रति जागरुक होने पर ही उपभोक्ताओं को अच्छे उत्पाद मिलेंगे। इसके अलावा गुणवत्ता और सुरक्षा मापदंडों, घटिया सामग्री को लेकर भी जागरुक किया गया ।
- वर्जन
-भारतीय मानक ब्यूरो की कार्यशाला में ब्लाॅक के सभी प्रधानों सचिवों को बुलाया गया था, जिसमें कुछ प्रधान नहीं आए। कार्यशाला में महिला प्रधानों की जगह आए उनके पति और देवर ने प्रधान के बीमार होने की जानकारी दी। अन्य ब्लॉकों में भी प्रधानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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भारतीय मानक ब्यूरो की गाजियाबाद शाखा की तरफ से सोमवार को विकास भवन के सभागार में एक दिवसीय ग्राम पंचायत संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रधानों को गुणवत्ता निर्धारण के प्रति जागरुकता और भारतीय मानकों के अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए अभियान शुरू किया गया। जिसके चलते बागपत ब्लॉक के 44 गांवों के प्रधानों और सचिवों को कार्यशाला में बुलाया गया था। बताया कि प्रधानों में जागरुकता की कमी दिखी और 44 में से सिर्फ 14 प्रधान ही शामिल हुए, जबकि चार महिला प्रधानों की जगह उनके पति और देवर कार्यशाला में पहुंचे। जिसके चलते संवेदीकरण कार्यशाला में औपचारिकता होती मिली। उधर भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों ने कार्यशाला में आए ग्राम प्रधानों को जमीनी स्तर पर गुणवत्ता निर्धारण के नियम और तरीके बताए।
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- इन महिला प्रधानों की जगह पति और देवर पहुंचे
पाली गांव की प्रधान शमा की जगह उनके पति गजेंद्र चौहान, जहानगढ़ उर्फ दौझा की प्रधान सलमा की जगह उनके पति यामीन, जबकि फैजपुर निनाना गांव की प्रधान प्रीति की जगह देवर रोहित धनकड़, फतेहपुर पुट्ठी की प्रधान अनीता की जगह सचिन तोमर कार्यशाला में पहुंचे। विकास भवन में कार्यशाला में एक भी महिला प्रधान नहीं पहुंची।
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- सभी ने बनाया एक ही बहाना
महिला प्रधानों के कार्यशाला में नहीं आने के कारण पर पति और देवर ने एक ही बहाना बनाया। जिसमें जहानगढ़ उर्फ दौझा गांव के प्रधानपति यामीन ने बताया कि उनकी पत्नी सलमा बीमार होने के कारण कार्यशाला में नहीं जा सकी। इसके अलावा पाली गांव के प्रधानपति गजेंद्र चौहान ने भी प्रधान शमा के बीमार होने का हवाला दिया।
- जागरुकता से मिलेंगे अच्छे उत्पाद
कार्यशाला में भारतीय मानक ब्यूरो के संयुक्त निदेशक दिव्यांशु यादव, आयुष राज, प्रियांशु आर्य और राजीव वर्मा ने कहा कि मानकों के प्रति जागरुक होने पर ही उपभोक्ताओं को अच्छे उत्पाद मिलेंगे। इसके अलावा गुणवत्ता और सुरक्षा मापदंडों, घटिया सामग्री को लेकर भी जागरुक किया गया ।
- वर्जन
-भारतीय मानक ब्यूरो की कार्यशाला में ब्लाॅक के सभी प्रधानों सचिवों को बुलाया गया था, जिसमें कुछ प्रधान नहीं आए। कार्यशाला में महिला प्रधानों की जगह आए उनके पति और देवर ने प्रधान के बीमार होने की जानकारी दी। अन्य ब्लॉकों में भी प्रधानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।