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मौलाना अबुल कलाम की जयंती पर निकाली रैली
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:59 AM IST
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चांदीनगर (बागपत)। रटौल गांव स्थित संत मेरी इंटर कॉलेज में देश के प्रथम शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाई। इस मौके पर कॉलेज में गोष्ठी हुई। बाद में स्कूली बच्चों ने रैली निकाली।
सोमवार को मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर हुई गोष्ठी पर वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। प्रधानाचार्य आलोक कुमार ने कहा कि मौलाना आजाद ने देश की शिक्षा को सुधारने के लिए काफी कार्य किए। शिक्षा नि:शुल्क होनी चाहिए। इसके वह पैरवी करते थे। हमेशा युवाओं को अच्छी से अच्छी शिक्षा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। निरक्षर व्यक्ति को जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रधानाचार्य ने सभी छात्र-छात्राओं को अच्छी से अच्छी शिक्षा लेने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद रैली का आयोजन किया । इसको हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गांव के विभिन्न मार्गों से होते रैली स्कूल में आकर हुई है। बच्चों ने मौलाना कलाम की नीति और सिद्धांतों को बताया। इसमें शिक्षक अरुण कुमार, मास्टर रामनाथ, अनवार, लोकेश, राजू का सहयोग रहा।
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सोमवार को मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर हुई गोष्ठी पर वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। प्रधानाचार्य आलोक कुमार ने कहा कि मौलाना आजाद ने देश की शिक्षा को सुधारने के लिए काफी कार्य किए। शिक्षा नि:शुल्क होनी चाहिए। इसके वह पैरवी करते थे। हमेशा युवाओं को अच्छी से अच्छी शिक्षा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। निरक्षर व्यक्ति को जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रधानाचार्य ने सभी छात्र-छात्राओं को अच्छी से अच्छी शिक्षा लेने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद रैली का आयोजन किया । इसको हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गांव के विभिन्न मार्गों से होते रैली स्कूल में आकर हुई है। बच्चों ने मौलाना कलाम की नीति और सिद्धांतों को बताया। इसमें शिक्षक अरुण कुमार, मास्टर रामनाथ, अनवार, लोकेश, राजू का सहयोग रहा।
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