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दहेज हत्या में पति समेत तीन को आठ साल की सजा
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:25 AM IST
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बागपत। पलड़ी गांव में छह साल पहले विवाहिता की हत्या के मामले में पति, सास व ससुराल को दोषी मानते हुए आठ साल सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की कोर्ट में सजा सुनाई गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि तीन जुलाई 2012 को पलड़ी गांव में दहेज में दो लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने इमराना पत्नी इकबाल की हत्या कर दी थी और उसकी लाश पुसार गांव के जंगल में दबा दी थी। मृतका के भाई आरिफ निवासी लिलोन जनपद शामली ने पति इखलाक, ससुर अली हसन, सास जैनुल, ननद शहनाज, ननदोई मंजूर के खिलाफ दोघट थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पति की निशानदेही पर पुसार के जंगल से महिला का शव बरामद कराया।
पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। यह मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की कोर्ट में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की तरफ से कुछ छह गवाह पेश किए गए। अभियुक्त मंजूर की पहले की मौत हो गई थी। इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार ने पति इखलाक, ससुर अली हसन, सास जैनुल को इमराना की हत्या का दोषी मानते हुए धारा 304 बी आईपीसी में आठ-आठ साल सश्रम कारावास, धारा 498ए में दो-दो वर्ष कारावास व पांच-पांच सौ रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। साथ ही धारा 201 आईपीसी में दो-दो साल व 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में एक वर्ष की सजा व चार-चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड का भुगतान होने पर सजा दो महीने बढ़ा दी जाएगी। अभियुक्त शहनाज को दोषमुक्त कर दिया गया। सभी सजा एक साथ चलेगी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि तीन जुलाई 2012 को पलड़ी गांव में दहेज में दो लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने इमराना पत्नी इकबाल की हत्या कर दी थी और उसकी लाश पुसार गांव के जंगल में दबा दी थी। मृतका के भाई आरिफ निवासी लिलोन जनपद शामली ने पति इखलाक, ससुर अली हसन, सास जैनुल, ननद शहनाज, ननदोई मंजूर के खिलाफ दोघट थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पति की निशानदेही पर पुसार के जंगल से महिला का शव बरामद कराया।
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पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। यह मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की कोर्ट में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की तरफ से कुछ छह गवाह पेश किए गए। अभियुक्त मंजूर की पहले की मौत हो गई थी। इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार ने पति इखलाक, ससुर अली हसन, सास जैनुल को इमराना की हत्या का दोषी मानते हुए धारा 304 बी आईपीसी में आठ-आठ साल सश्रम कारावास, धारा 498ए में दो-दो वर्ष कारावास व पांच-पांच सौ रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। साथ ही धारा 201 आईपीसी में दो-दो साल व 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में एक वर्ष की सजा व चार-चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड का भुगतान होने पर सजा दो महीने बढ़ा दी जाएगी। अभियुक्त शहनाज को दोषमुक्त कर दिया गया। सभी सजा एक साथ चलेगी।
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