{"_id":"5b50eb7c4f1c1bc57a8b552f","slug":"131532029820-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छपरौली में हुई मूसलाधार बारिश से दुकानों में घुस गया था पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छपरौली में हुई मूसलाधार बारिश से दुकानों में घुस गया था पानी
Updated Fri, 20 Jul 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छपरौली (बागपत)। क्षेत्र में बुधवार की शाम को हुई तेज बारिश के चलते लोगों को काफी परेशानी से जूझना पड़ा। एक और जहां मुख्य मार्ग जलमग्न हो गए, वहीं दूसरी ओर बाजार की अनेक दुकानों में पानी भर गया, व्यापारियों का काफी सामान खराब हो गया। आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। कस्बे में स्थित बाजार की सभी सड़क जलमग्न है गई। दुकानदारों ने आनन फानन में अपना सामान ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया, लेकिन तब-तक बाकी का सामान खराब हो गया।
कई बुजुर्गों ने बताया कि पिछले करीब 40 साल में थोड़े समय में इतनी तेज बरसात हुई है। बाजार में स्थित ठाकुर द्वारा मंदिर के सामने से गुजरने वाली सड़क पर तीन फुट से अधिक पानी भर गया। इसमें लगभग सैकड़ों दुकानें हैं, इनमें से अधिकतर दुकान जलमग्न हो गई। कीचड़ के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का आरोप है कि समय पर नालों की सफाई न होने के कारण जल भरा हुआ है और इसी के चलते उन्हें लाखों रुपये की क्षति हुई है। व्यापारियों ने कहा नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी समय पर नालों की सफाई नहीं कर पाए जो थोड़ी बहुत सफाई की थी उसका मलबा उन्होंने सड़क पर ही डाल रखा था। इसके चलते उन्हें और अधिक परेशानी से जूझना पड़ा। कस्बे के अलावा क्षेत्र गांव में भी जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रठौड़ा गांव में बरसात के चलते एक नाले की दीवार ढह गई। लोगों का आरोप था कि ठेकेदार ने एक बोगी रेत में मात्र थोड़ा बहुत सीमेंट मिलाया था घटिया क्वालिटी के चलते ही नाले की दीवार गिरी है। वर्षा के पानी के चलते गांव के कई रास्ते जलमग्न हो गए और तालाब का पानी दो-दो- फुट तक रास्तों पर भर गया। गांव की सहकारी समिति पर हुए जलभराव के चलते लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों का आना-जाना भी दूभर हो गया।
विज्ञापन
कई बुजुर्गों ने बताया कि पिछले करीब 40 साल में थोड़े समय में इतनी तेज बरसात हुई है। बाजार में स्थित ठाकुर द्वारा मंदिर के सामने से गुजरने वाली सड़क पर तीन फुट से अधिक पानी भर गया। इसमें लगभग सैकड़ों दुकानें हैं, इनमें से अधिकतर दुकान जलमग्न हो गई। कीचड़ के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का आरोप है कि समय पर नालों की सफाई न होने के कारण जल भरा हुआ है और इसी के चलते उन्हें लाखों रुपये की क्षति हुई है। व्यापारियों ने कहा नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी समय पर नालों की सफाई नहीं कर पाए जो थोड़ी बहुत सफाई की थी उसका मलबा उन्होंने सड़क पर ही डाल रखा था। इसके चलते उन्हें और अधिक परेशानी से जूझना पड़ा। कस्बे के अलावा क्षेत्र गांव में भी जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रठौड़ा गांव में बरसात के चलते एक नाले की दीवार ढह गई। लोगों का आरोप था कि ठेकेदार ने एक बोगी रेत में मात्र थोड़ा बहुत सीमेंट मिलाया था घटिया क्वालिटी के चलते ही नाले की दीवार गिरी है। वर्षा के पानी के चलते गांव के कई रास्ते जलमग्न हो गए और तालाब का पानी दो-दो- फुट तक रास्तों पर भर गया। गांव की सहकारी समिति पर हुए जलभराव के चलते लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों का आना-जाना भी दूभर हो गया।
विज्ञापन