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आस्था के साथ पहुंचे यमुना, मायूस होकर लौटे श्रद्धालु
Updated Fri, 25 May 2018 01:24 AM IST
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बागपत। गंगा दशहरे पर सूखी यमुना को देख कर क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु मायूस हो गए। यमुना नदी में पानी की एक बूंद नहीं थी। क्षेत्र के सैकड़ों लोग यमुना नदी के घाट पर पहुंचे जरूर, उदास होकर लौट गए। कुछ यमुना नदी के घाट पर लगे हैंडपंप पर स्नान करने के बाद घर लौटे।
बृहस्पतिवार को जिले भर में गंगा दशहरे का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया। जगह-जगह भंडारे और मीठे जल की प्याऊ लगाई गई। सैकड़ों लोग हरिद्वार में गंगा स्नान करने के लिए सुबह ही रवाना हुए। यमुना नदी के घाट पर आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु आस्था के साथ स्नान करने के लिए पहुंचे, लेकिन चारों ओर रेत ही रेत देखकर मायूस होकर लौट गए। कुछ श्रद्धालुओं ने यमुना नदी के घाट पर लगे हैंडपंप पर स्नान कर दशहरे का पर्व बनाकर इतिश्री की। प्रसाद अर्पित कर प्रार्थना की। यमुना नदी के घाट पर हैंडपंप से ही श्रद्धालुओं ने स्नान किया। अपनी पूजा की विधियों को पूरा किया। उसके बाद प्रशासन को कोसते हुए वहां से चले गए। गंगा दशहरे के दिन हरियाणा और यूपी के सैकड़ों लोगों को मायूसी का सामना करना पड़ा। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने कहा कि यमुना नदी लाखों लोगों के आस्था केंद्र है, जो जिला प्रशासन की उपेक्षा का शिकार हो चुकी है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से यमुना नदी में जल प्रवाह कराने की मांग की है।
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बृहस्पतिवार को जिले भर में गंगा दशहरे का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया। जगह-जगह भंडारे और मीठे जल की प्याऊ लगाई गई। सैकड़ों लोग हरिद्वार में गंगा स्नान करने के लिए सुबह ही रवाना हुए। यमुना नदी के घाट पर आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु आस्था के साथ स्नान करने के लिए पहुंचे, लेकिन चारों ओर रेत ही रेत देखकर मायूस होकर लौट गए। कुछ श्रद्धालुओं ने यमुना नदी के घाट पर लगे हैंडपंप पर स्नान कर दशहरे का पर्व बनाकर इतिश्री की। प्रसाद अर्पित कर प्रार्थना की। यमुना नदी के घाट पर हैंडपंप से ही श्रद्धालुओं ने स्नान किया। अपनी पूजा की विधियों को पूरा किया। उसके बाद प्रशासन को कोसते हुए वहां से चले गए। गंगा दशहरे के दिन हरियाणा और यूपी के सैकड़ों लोगों को मायूसी का सामना करना पड़ा। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने कहा कि यमुना नदी लाखों लोगों के आस्था केंद्र है, जो जिला प्रशासन की उपेक्षा का शिकार हो चुकी है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से यमुना नदी में जल प्रवाह कराने की मांग की है।
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