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मां की पाठशाला में संस्कारवान बनते है बच्चे
Updated Mon, 14 May 2018 01:16 AM IST
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बागपत। जिलेभर में मडर्स डे धूमधाम के साथ मनाया। इस दौरान गिफ्ट सेंटरों पर बच्चों ने उपहार खरीदकर अपनी माताओं को दिए। इस दौरान माताओं ने भी अपने बच्चों की दीर्घायु के लिए कामना की।
रविवार को बच्चों ने माता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। उपहार स्वरूप विभिन्न गिफ्ट अपनी माताओं को दिए। बच्चों को दुलार कर उनकी दीर्घायु की कामना की। रविवार को सुबह से ही शहर के अधिकांश गिफ्ट सेंटरों पर बच्चों की भीड़ रही। बच्चों ने अपनी मां के लिए अलग-अलग तरह के उपहार खरीदे । सुरेंद्र चौहान, ओमपाल, प्रदीप, कपिल, ओमपाल, जगमेहर, देवेंद्र ने कहा कि जीवन में मां का पद सर्वोपरि रहता है, जिसके बिना जीवन अधूरा है। मां एक ऐसा शब्द है जिसके नाम में सबसे ज्यादा मिठास होती है। खुद भूखा रहकर बच्चों का पेट भरती है। मां ही बच्चों की सबसे पहली पाठशाला होती है, जो संस्कारवान बनाती है। जो लोग मां का अपमान करते है उनका कभी भला नहीं होता है। कभी भी मां का दिल नहीं दुखाना चाहिए। मां अपने अपने बच्चों की हित की सोचती है और लंबी आयु के लिए दुआ करती है।
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रविवार को बच्चों ने माता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। उपहार स्वरूप विभिन्न गिफ्ट अपनी माताओं को दिए। बच्चों को दुलार कर उनकी दीर्घायु की कामना की। रविवार को सुबह से ही शहर के अधिकांश गिफ्ट सेंटरों पर बच्चों की भीड़ रही। बच्चों ने अपनी मां के लिए अलग-अलग तरह के उपहार खरीदे । सुरेंद्र चौहान, ओमपाल, प्रदीप, कपिल, ओमपाल, जगमेहर, देवेंद्र ने कहा कि जीवन में मां का पद सर्वोपरि रहता है, जिसके बिना जीवन अधूरा है। मां एक ऐसा शब्द है जिसके नाम में सबसे ज्यादा मिठास होती है। खुद भूखा रहकर बच्चों का पेट भरती है। मां ही बच्चों की सबसे पहली पाठशाला होती है, जो संस्कारवान बनाती है। जो लोग मां का अपमान करते है उनका कभी भला नहीं होता है। कभी भी मां का दिल नहीं दुखाना चाहिए। मां अपने अपने बच्चों की हित की सोचती है और लंबी आयु के लिए दुआ करती है।
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