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शिक्षकों ने कार्य बहिष्कार कर दिया धरना
Updated Tue, 20 Feb 2018 01:37 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के शिक्षकों ने मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन कर धरना दिया।
सोमवार को दिगंबर जैन कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. दीपक चंद मौर्य और सचिव डॉ. विजयपाल सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने कॉलेज परिसर मेें कार्य बहिष्कार किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा किसी भी कीमत पर शिक्षकों का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। प्रोफेसरों ने सातवां वेतनमान आयोग लागू करने, पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने, महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को कैरियर प्रोन्नति योजना के अंतर्गत प्रोफेसर पदनाम प्रदान करने, यूजीसी रेगुलेशन 2010 के अनुसार सेवानिवृत्त की आयु 65 वर्ष करने, उत्तर प्रदेश के अनुदानित डिग्री कॉलेज के अनुमोदित शिक्षकों को स्थायी कर वेतन संकाय करने, परीक्षा पारिश्रमिक की दरों मेें वृद्धि करने व प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों मेें कार्यरत शिक्षकों को मेडिकल की सुविधा राज्य कर्मचारियों की तरह देने की मांग उठाई। साथ ही मांगें जल्द पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इसमें डॉ. महेश कुमार मुछाल, डॉ. विनोद कश्यप, डॉ. किरण गर्ग, डॉ. शशिकांत, डॉ. हरेंद्र, डॉ. डीसी मौर्य, डॉ. रजनी कश्यप, डॉ. ममता जेसियान, डॉ. रुचि गुप्ता, डॉ. सुंदर पाल, डॉ. आरके प्रजापति, डॉ. राजीव, डॉ. गोविंद बाबू, डॉ. लाखन सिंह, डॉ. गीता राणा, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. केजी पांडेय, डॉ. भारती त्यागी आदि शामिल रहे।
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दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के शिक्षकों ने मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन कर धरना दिया।
सोमवार को दिगंबर जैन कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. दीपक चंद मौर्य और सचिव डॉ. विजयपाल सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने कॉलेज परिसर मेें कार्य बहिष्कार किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा किसी भी कीमत पर शिक्षकों का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। प्रोफेसरों ने सातवां वेतनमान आयोग लागू करने, पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने, महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को कैरियर प्रोन्नति योजना के अंतर्गत प्रोफेसर पदनाम प्रदान करने, यूजीसी रेगुलेशन 2010 के अनुसार सेवानिवृत्त की आयु 65 वर्ष करने, उत्तर प्रदेश के अनुदानित डिग्री कॉलेज के अनुमोदित शिक्षकों को स्थायी कर वेतन संकाय करने, परीक्षा पारिश्रमिक की दरों मेें वृद्धि करने व प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों मेें कार्यरत शिक्षकों को मेडिकल की सुविधा राज्य कर्मचारियों की तरह देने की मांग उठाई। साथ ही मांगें जल्द पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इसमें डॉ. महेश कुमार मुछाल, डॉ. विनोद कश्यप, डॉ. किरण गर्ग, डॉ. शशिकांत, डॉ. हरेंद्र, डॉ. डीसी मौर्य, डॉ. रजनी कश्यप, डॉ. ममता जेसियान, डॉ. रुचि गुप्ता, डॉ. सुंदर पाल, डॉ. आरके प्रजापति, डॉ. राजीव, डॉ. गोविंद बाबू, डॉ. लाखन सिंह, डॉ. गीता राणा, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. केजी पांडेय, डॉ. भारती त्यागी आदि शामिल रहे।