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बच्चों के पालन-पोषण को दंपति ने भुलाए मतभेद

Sun, 14 Jan 2018 01:29 AM IST
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:29 AM IST
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बच्चों के पालन-पोषण को दंपति ने भुलाए मतभेद
बागपत। न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी की पहल पर चार बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए दंपति ने आपसी मतभेद भुला दिए और एक साथ रहने को राजी हो गए। बच्चों ने न्यायपीठ को अपने माता-पिता की शिकायत की थी।
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गाधी गांव निवासी एक व्यक्ति अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ गाजियाबाद जनपद के लोनी क्षेत्र के पाबी सादकपुर गांव में रह रहा था। दोनों पति-पत्नी के बीच लंबे समय से मतभेद चल आ रहे थे। इस कारण व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों को छोड़कर अपने पैतृक गांव आकर रहने लगा । कुछ दिन पहले दंपति की एक लड़की और तीन लड़कों ने न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी में अपना उत्पीड़न होने की लिखित शिकायत की। सीडब्ल्यूसी के न्याय प्राधिकारी डॉ. कुलदीप त्यागी ने बताया कि बच्चों ने शिकायत में कहा कि माता-पिता के बीच झगड़े का उनके पालन-पोषण पर बुरा असर पड़ रहा है। बच्चों ने अपने पिता पर पालन-पोषण के लिए पैसा नहीं देने का आरोप लगाया। साथ ही गाधी गांव में जाने पर खुद को वहां से भगाने की भी बात कही। इस मामले को गंभीरता से लेकर न्यायपीठ के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव और मालती शर्मा ने बच्चों के माता-पिता समेत उनके परिजनों को भी तलब कर लिया। न्यायपीठ ने दोनों को बच्चों के पालन पोषण और उनके सर्वोत्तम हित के लिए अपने आपसी मतभेद भुलाने की सलाह दी। सीडब्ल्यूसी ने काउंसिलिंग करने और समझाने के बाद दंपति ने बच्चों के हित में अपने मतभेदों को भुला दिया और साथ में पाबी सादकपुर स्थित अपने घर में रहने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी अपने बच्चों के साथ अपने घर चले गए।
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