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शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी: विजयपाल
Updated Mon, 29 Oct 2018 01:12 AM IST
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बिनौली (बागपत)। तेड़ा स्थित आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज में रविवार को पुरातन छात्र सम्मान समारोह हुआ। मुख्य अतिथि भाजपा के राज्यसभा सदस्य विजयपाल सिंह तोमर ने कहा कि अच्छी शिक्षा के साथ संस्कारों की भी जरूरत है।
समारोह शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य विजयपाल सिंह तोमर ने किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में भी प्रतिभाओं की कमी नही है। प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में रोजगार परक शिक्षा तो दी जा रही है, लेकिन संस्कारों के बिना शिक्षा अधूरी है। उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान है। हमारी अर्थव्यवस्था भी कृषि पर आधारित है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी शिक्षा की उपलब्धता की जरूरत बताया। पूर्व राज्य मंत्री डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा कि पढ़ने लिखने का मतलब किताबी ज्ञान अर्जित करना नही है बल्कि उस ज्ञान को नैतिकता का जामा पहनाकर समाज सृजन करना है।
समारोह में पूर्व विधायक साहब सिंह, सुखबीर सिंह गठीना, धीरज उज्ज्वल, प्रदीप ठाकुर, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, पुष्पा राजपूत, वीरेंद्र सिंह बिंदु, चेयरमैन डॉ. विनोद कुमार, राजेश चौहान, मास्टर अतर सिंह ने भी विचार व्यक्त किये। समारोह में पुरातन छात्रों को मेडल पहनाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिह्न व शाल भेंटकर सम्मानित कर आभार प्रकट किया। महेश शास्त्री के निर्देशन में छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, सत्यवादी हरिश्चंद्र, श्रवण कुमार नाटिका, लोक नृत्य आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह की अध्यक्षता महंत साधुराम स्वामी ने की। संचालन मास्टर जयभगवान ने किया। इसमें नरेश मानव, डॉ. राजीव गुप्ता, कुलदीप सिंह, रीना देवी, अरुण त्रिपाल धामा, धन सिंह, रणधीर सिंह, यशवंत सिंह, विश्वबंधु शास्त्री, विनोद प्रधान, वरुण, अमित बागड़ी आदि मौजूद रहे।
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समारोह शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य विजयपाल सिंह तोमर ने किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में भी प्रतिभाओं की कमी नही है। प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में रोजगार परक शिक्षा तो दी जा रही है, लेकिन संस्कारों के बिना शिक्षा अधूरी है। उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान है। हमारी अर्थव्यवस्था भी कृषि पर आधारित है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी शिक्षा की उपलब्धता की जरूरत बताया। पूर्व राज्य मंत्री डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा कि पढ़ने लिखने का मतलब किताबी ज्ञान अर्जित करना नही है बल्कि उस ज्ञान को नैतिकता का जामा पहनाकर समाज सृजन करना है।
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समारोह में पूर्व विधायक साहब सिंह, सुखबीर सिंह गठीना, धीरज उज्ज्वल, प्रदीप ठाकुर, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, पुष्पा राजपूत, वीरेंद्र सिंह बिंदु, चेयरमैन डॉ. विनोद कुमार, राजेश चौहान, मास्टर अतर सिंह ने भी विचार व्यक्त किये। समारोह में पुरातन छात्रों को मेडल पहनाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिह्न व शाल भेंटकर सम्मानित कर आभार प्रकट किया। महेश शास्त्री के निर्देशन में छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, सत्यवादी हरिश्चंद्र, श्रवण कुमार नाटिका, लोक नृत्य आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह की अध्यक्षता महंत साधुराम स्वामी ने की। संचालन मास्टर जयभगवान ने किया। इसमें नरेश मानव, डॉ. राजीव गुप्ता, कुलदीप सिंह, रीना देवी, अरुण त्रिपाल धामा, धन सिंह, रणधीर सिंह, यशवंत सिंह, विश्वबंधु शास्त्री, विनोद प्रधान, वरुण, अमित बागड़ी आदि मौजूद रहे।
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