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गन्ने का दाम 425 रुपये देने की मांग
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:20 AM IST
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दाहा (बागपत)। पुसार गांव में किसानों की बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा 15 अक्तूबर से सरकार मिल चला रही है, यह तो सराहनीय कार्य है, लेकिन अभी तक गन्ने का दाम घोषित नहीं किया, यह गलत है। 425 क्विंटल मूल्य किसानों को दिया जाना चाहिए। तभी फसल लागत में आएगी।
बैठक में किसानों ने कहा कि बिजली के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। इससे फसलों की बुआई महंगी हो गई है। खाद और डीजल के दामों की बढ़ोत्तरी ने भी किसानों की कमर तोड़ दी है। सरकार का 15 अक्तूबर को मिले चलाना सराहनीय कार्य है। इससे आगामी गेहूं की फसलों को लाभ पहुंचेगा। जल्दी से किसानों के खेत खाली हो जाएंगे। गन्ने का दाम घोषित नहीं करने पर सरकार की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। अभी तक बकाया गन्ने का भुगतान भी किसानों को नहीं दिया गया है। इसमें हरपाल शर्मा, नरेंद्र, प्रमोद प्रधान, अरविंद, विनय, सतेंद्र, भूल्लण सैनी, सेंहसर पाल, कृष्णपाल, त्रिलोक, सुधीर, विनोद, पुष्पेंद्र, विनय आदि रहे।
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बैठक में किसानों ने कहा कि बिजली के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। इससे फसलों की बुआई महंगी हो गई है। खाद और डीजल के दामों की बढ़ोत्तरी ने भी किसानों की कमर तोड़ दी है। सरकार का 15 अक्तूबर को मिले चलाना सराहनीय कार्य है। इससे आगामी गेहूं की फसलों को लाभ पहुंचेगा। जल्दी से किसानों के खेत खाली हो जाएंगे। गन्ने का दाम घोषित नहीं करने पर सरकार की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। अभी तक बकाया गन्ने का भुगतान भी किसानों को नहीं दिया गया है। इसमें हरपाल शर्मा, नरेंद्र, प्रमोद प्रधान, अरविंद, विनय, सतेंद्र, भूल्लण सैनी, सेंहसर पाल, कृष्णपाल, त्रिलोक, सुधीर, विनोद, पुष्पेंद्र, विनय आदि रहे।
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