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योग्यता इंजीनियरिंग और शिक्षक की, बनने निकले सिपाही
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:52 AM IST
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बागपत। परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही पद के लिए जरूर थी, लेकिन कतार में खड़े हुए अभ्यथियों में किसी की योग्यता इंजीनियर, किसी की शिक्षक की थी। बेरोजगारी का दंश ऐसा कि अभ्यर्थियों को सिपाही परीक्षा में शामिल होना पड़ रहा है। किसी का सपना पीसीएस की तैयारी करने का है तो कोई आईपीएस और पीपीएस की परीक्षा पास करना चाहता है, लेकिन आर्थिक परेशानी और अपने पैरों पर खड़ा होने की गरज से अभ्यर्थी सिपाही की परीक्षा देने पहुंचे।
बागपत के श्री यमुना इंटर कॉलेज में यूपी पुलिस के सिपाही पद की लिखित परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों की योग्यता पद से कहीं अधिक बड़ी दिखी। सहारनपुर जनपद के दाबकी गांव निवासी भूपेंद्र बिंदल ने बीएससी और बीएड की है। शिक्षक बनना चाहता है, अगले माह उसका टीजीटी का पेपर भी है, लेकिन वह सिपाही की नौकरी का मौका भी हाथ नहीं जाने देना चाहता। कहता है कि बेरोजगारी के कारण उन्होंने सिपाही बनने की ठान ली।
एम कॉम की पढ़ाई कर रहे गांधी कॉलोनी सहारनपुर निवासी भानू सैन का कहना है कि प्राइवेट नौकरी में भविष्य सुरक्षित नहीं है। सिपाही बनकर कम से कम परिवार तो पाल सकता है। इसलिए वह सिपाही बनना चाहता है। डबल एमए कर चुके सहारनपुर जनपद के अंडेबा चांद गांव निवासी सोनू कुमार का कहना है कि उसने यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन पास नहीं हुआ। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस कारण उसने इस नौकरी को चुना है।
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सहारनपुर निवासी अभिषेक बीटेक पास है। उन्होंने भी बेरोजगारी का कारण बताया। कहा कि सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। चाहे वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हो या सिपाही।
सहारनपुर के कुल्लन हेड़ी निवासी पंकज ने बीकॉम की पढ़ाई की है। बैंक में पीओ बनना चाहता है, लेकिन तैयारियों के लिए आर्थिक समस्या खड़ी हो रही है। कहता है कि सरकारी नौकरी हासिल कर वह बड़े स्तर की परीक्षा की तैयारी आसानी से कर सकेगा।
...अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं बेटियां
बागपत। यूपी पुलिस की भर्ती परीक्षा में शामिल होने पहुंची अधिकतर लड़कियां देहात की पृष्ठभूमि से हैं। लड़कियों का कहना है कि वह अपने पैरों पर खड़ा होकर आत्मनिर्भर बनना चाहती है। साथ ही उनका सपना परिवार की मदद करना है। सहारनपुर की मुस्कान का कहना है कि वह चाहती हैं कि नौकरी के जरिए माता-माता की मदद करें और भाइयों का साथ दें। रश्मि का कहना है कि परिवार आर्थिक तौर पर कमजोर हैं। अगर उसे नौकरी मिली तो परिवार की आर्थिक सहायता हो सकेगी।
परीक्षा देने पहुंचे एक-एक परिवार के कई-कई सदस्य
बागपत। पुलिस की भर्ती परीक्षा में एक-एक परिवार के कई कई सदस्य शामिल होने पहुंचे। किसी परिवार से भाई परीक्षा में शामिल हुए, किसी परिवार से भाई-बहन पहुंचे। दंपति भी कई पहुंचे। सहारनपुर का विनीत अपनी पत्नी के साथ परीक्षा देने पहुंचा। उसका कहना था कि दोनों के पास नौकरी होगी तो गृहस्थी की गाड़ी अच्छी चलेगी।
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बागपत के श्री यमुना इंटर कॉलेज में यूपी पुलिस के सिपाही पद की लिखित परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों की योग्यता पद से कहीं अधिक बड़ी दिखी। सहारनपुर जनपद के दाबकी गांव निवासी भूपेंद्र बिंदल ने बीएससी और बीएड की है। शिक्षक बनना चाहता है, अगले माह उसका टीजीटी का पेपर भी है, लेकिन वह सिपाही की नौकरी का मौका भी हाथ नहीं जाने देना चाहता। कहता है कि बेरोजगारी के कारण उन्होंने सिपाही बनने की ठान ली।
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एम कॉम की पढ़ाई कर रहे गांधी कॉलोनी सहारनपुर निवासी भानू सैन का कहना है कि प्राइवेट नौकरी में भविष्य सुरक्षित नहीं है। सिपाही बनकर कम से कम परिवार तो पाल सकता है। इसलिए वह सिपाही बनना चाहता है। डबल एमए कर चुके सहारनपुर जनपद के अंडेबा चांद गांव निवासी सोनू कुमार का कहना है कि उसने यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन पास नहीं हुआ। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस कारण उसने इस नौकरी को चुना है।
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सहारनपुर निवासी अभिषेक बीटेक पास है। उन्होंने भी बेरोजगारी का कारण बताया। कहा कि सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। चाहे वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हो या सिपाही।
सहारनपुर के कुल्लन हेड़ी निवासी पंकज ने बीकॉम की पढ़ाई की है। बैंक में पीओ बनना चाहता है, लेकिन तैयारियों के लिए आर्थिक समस्या खड़ी हो रही है। कहता है कि सरकारी नौकरी हासिल कर वह बड़े स्तर की परीक्षा की तैयारी आसानी से कर सकेगा।
...अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं बेटियां
बागपत। यूपी पुलिस की भर्ती परीक्षा में शामिल होने पहुंची अधिकतर लड़कियां देहात की पृष्ठभूमि से हैं। लड़कियों का कहना है कि वह अपने पैरों पर खड़ा होकर आत्मनिर्भर बनना चाहती है। साथ ही उनका सपना परिवार की मदद करना है। सहारनपुर की मुस्कान का कहना है कि वह चाहती हैं कि नौकरी के जरिए माता-माता की मदद करें और भाइयों का साथ दें। रश्मि का कहना है कि परिवार आर्थिक तौर पर कमजोर हैं। अगर उसे नौकरी मिली तो परिवार की आर्थिक सहायता हो सकेगी।
परीक्षा देने पहुंचे एक-एक परिवार के कई-कई सदस्य
बागपत। पुलिस की भर्ती परीक्षा में एक-एक परिवार के कई कई सदस्य शामिल होने पहुंचे। किसी परिवार से भाई परीक्षा में शामिल हुए, किसी परिवार से भाई-बहन पहुंचे। दंपति भी कई पहुंचे। सहारनपुर का विनीत अपनी पत्नी के साथ परीक्षा देने पहुंचा। उसका कहना था कि दोनों के पास नौकरी होगी तो गृहस्थी की गाड़ी अच्छी चलेगी।