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आजमपुर मुलसम गांव में सामवेद पारायण महायज्ञ शुरू
Updated Thu, 29 Mar 2018 01:11 AM IST
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दोघट (बागपत)। आजमपुर मुलसम गांव में सामवेद पारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां दी।
कार्यक्रम में डॉ. करुण भारद्वाज ने कहा कि जिस प्रकार सूरज अंधकार को दूर कर देता है, उसी तरह से व्यक्ति की भक्ति, उपासना ईश्वर के समीप ले जाकर भक्त के जन्म जन्मांतरों के अंधकार को दूर कर देती है। एवं वह व्यक्ति समाज, परिवार, राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर सूर्य की तरह अज्ञानता के अंधकार को दूर कर देता है। जीवन में उपासना सोने की तरह बहुमूल्य बनाकर उसको समाज में प्रतिष्ठित करती है। योगाचार्य डॉ. ईश्वर सिंह ने शरीर में व्याप्त विभिन्न प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए योग एक माध्यम बताया। वेदपाठ गुरुकुल प्रभात आश्रम भोला झाल के ब्रह्मचारी देवांश, सुमित, ओमेंद्र ने किया। यज्ञमान रविंद्र कुमार और उनकी पत्नी डिंपल देवी रहे। यज्ञ में भाकियू के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, चौधरी गजे सिंह, ब्रह्मचारी आर्य, कविंद्र, रोहताश, सत्यपाल आर्य, महेश कुमार, मास्टर पुष्पेंद्र, आनंद आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डॉ. करुण भारद्वाज ने कहा कि जिस प्रकार सूरज अंधकार को दूर कर देता है, उसी तरह से व्यक्ति की भक्ति, उपासना ईश्वर के समीप ले जाकर भक्त के जन्म जन्मांतरों के अंधकार को दूर कर देती है। एवं वह व्यक्ति समाज, परिवार, राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर सूर्य की तरह अज्ञानता के अंधकार को दूर कर देता है। जीवन में उपासना सोने की तरह बहुमूल्य बनाकर उसको समाज में प्रतिष्ठित करती है। योगाचार्य डॉ. ईश्वर सिंह ने शरीर में व्याप्त विभिन्न प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए योग एक माध्यम बताया। वेदपाठ गुरुकुल प्रभात आश्रम भोला झाल के ब्रह्मचारी देवांश, सुमित, ओमेंद्र ने किया। यज्ञमान रविंद्र कुमार और उनकी पत्नी डिंपल देवी रहे। यज्ञ में भाकियू के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, चौधरी गजे सिंह, ब्रह्मचारी आर्य, कविंद्र, रोहताश, सत्यपाल आर्य, महेश कुमार, मास्टर पुष्पेंद्र, आनंद आदि उपस्थित रहे।