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उतम बनने के लिये अच्छे संस्कारों को धारण करें- प्रीतम सिंह वर्मा
Updated Mon, 12 Mar 2018 12:36 AM IST
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अच्छे संस्कारों को धारण करें - प्रीतम सिंह वर्मा
बड़ौत (बागपत)।
रेलवे रोड पर स्थित आर्य समाज मंदिर में यज्ञ हुआ। इसमें आर्य जनों ने आहुतियां दी। इस मौके पर प्रीतम सिंह वर्मा ने कहा कि मानव की शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए जन्म से लेकर मृत्यु तक विभिन्न समय पर संस्कारों की व्यवस्था ऋषि, मुनियों ने बड़े सुंदर ढंग से की है। संस्कारों से मनुष्य को द्विज बनने का अवसर मिलता है। महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों के अनुसार संस्कारों को उच्चतम समझकर ही प्राचीन ऋषि मुनियों की प्राचीन पद्धति का आज भी अनुसरण किया जा रहा है। इनके कारण से शरीर और आत्मा सुसंस्कृत होकर धर्म अर्थकाम तथा मोक्ष को प्राप्त हो सकते है। उन्होंने बताया कि संतान अत्यंत योग्य होती है। इस वजह से संस्कारों का होना मनुष्य के लिए अति उचित है। यज्ञ के ब्रह्मा समर भानु और मित्र मुनि रहे। यज्ञ मान नितिन प्रजापति रहे। यज्ञ में डॉ. ओमवीर सिंह, जसवीर सिंह मलिक, राज कुमार आर्य, विनोद, रामबली राणा, विपिन, ओमपाल, चरण सिंह, मोहन पाल, रितिक आर्य, सतपाल , अरुण आर्य, राजीव, विजयपाल सिंह आदि रहे।
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बड़ौत (बागपत)।
रेलवे रोड पर स्थित आर्य समाज मंदिर में यज्ञ हुआ। इसमें आर्य जनों ने आहुतियां दी। इस मौके पर प्रीतम सिंह वर्मा ने कहा कि मानव की शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए जन्म से लेकर मृत्यु तक विभिन्न समय पर संस्कारों की व्यवस्था ऋषि, मुनियों ने बड़े सुंदर ढंग से की है। संस्कारों से मनुष्य को द्विज बनने का अवसर मिलता है। महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों के अनुसार संस्कारों को उच्चतम समझकर ही प्राचीन ऋषि मुनियों की प्राचीन पद्धति का आज भी अनुसरण किया जा रहा है। इनके कारण से शरीर और आत्मा सुसंस्कृत होकर धर्म अर्थकाम तथा मोक्ष को प्राप्त हो सकते है। उन्होंने बताया कि संतान अत्यंत योग्य होती है। इस वजह से संस्कारों का होना मनुष्य के लिए अति उचित है। यज्ञ के ब्रह्मा समर भानु और मित्र मुनि रहे। यज्ञ मान नितिन प्रजापति रहे। यज्ञ में डॉ. ओमवीर सिंह, जसवीर सिंह मलिक, राज कुमार आर्य, विनोद, रामबली राणा, विपिन, ओमपाल, चरण सिंह, मोहन पाल, रितिक आर्य, सतपाल , अरुण आर्य, राजीव, विजयपाल सिंह आदि रहे।