{"_id":"5a108dbe4f1c1b8e698bc782","slug":"121511034302-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथ खड़े कर होता था मुखिया का फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथ खड़े कर होता था मुखिया का फैसला
Updated Sun, 19 Nov 2017 01:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट (बागपत)। नगर निकाय चुनाव को लेकर दोघट और टीकरी में बुजुर्गों का कहना है कि एक जमाना था जब मान-सम्मान के लिए चुनाव लड़े जाते थे। पंचायत में प्रत्याशियों की किस्मत के फैसले हुआ करते थे, लेकिन अब समय बदल गया है। अब धन के बल पर चुनाव जीते जाते हैं।
टीकरी निवासी बुजुर्ग माम चंद का कहना है कि बहुत चुनाव देखे है। पहले पंचायत में हाथ उठाकर प्रधान बनाए जाते हैं। पहले मान सम्मान का चुनाव होता था, लेकिन अब माहौल बदल गया है। अब परिवार भी एकजुट नहीं हो पा रहे हैं।
टीकरी निवासी राज सिंह का कहना है कि पहले चुनाव में न तो शराब चलती थी और न ही पैसा। जो अब हो रहा है, वह गलत हो रहा है। टीकरी निवासी निरंजन सिंह ने कहा वर्तमान समय में चुनाव मात्र पैसे के लिए होता है। किसी को विकास कार्यों से कोई मतलब नहीं है।
विज्ञापन
दोघट निवासी धर्मवीर सिंह पंवार ने कहा जब से प्रधानी और नगर पंचायत में सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए पैसा दिया जाने लगा, तब से चुनाव की सूरत बदल गई है। दोघट निवासी कालू पंवार ने कहा चुनाव में आज धन के बल पर कोई भी आदमी चुनाव में खड़ा हो जाता है।
दोघट निवासी हरबीर सिंह पंवार ने कहा पहले एक व्यक्ति के जबान देने पर पूरा समाज उसके पीछे हो जाता था, लेकिन अब लोगों में एकजुटता नहीं रही। उन्होंने कहा समाज में एकजुटता जरूरी है. तभी विकास संभव है।
विज्ञापन
टीकरी निवासी बुजुर्ग माम चंद का कहना है कि बहुत चुनाव देखे है। पहले पंचायत में हाथ उठाकर प्रधान बनाए जाते हैं। पहले मान सम्मान का चुनाव होता था, लेकिन अब माहौल बदल गया है। अब परिवार भी एकजुट नहीं हो पा रहे हैं।
विज्ञापन
टीकरी निवासी राज सिंह का कहना है कि पहले चुनाव में न तो शराब चलती थी और न ही पैसा। जो अब हो रहा है, वह गलत हो रहा है। टीकरी निवासी निरंजन सिंह ने कहा वर्तमान समय में चुनाव मात्र पैसे के लिए होता है। किसी को विकास कार्यों से कोई मतलब नहीं है।
विज्ञापन
दोघट निवासी धर्मवीर सिंह पंवार ने कहा जब से प्रधानी और नगर पंचायत में सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए पैसा दिया जाने लगा, तब से चुनाव की सूरत बदल गई है। दोघट निवासी कालू पंवार ने कहा चुनाव में आज धन के बल पर कोई भी आदमी चुनाव में खड़ा हो जाता है।
दोघट निवासी हरबीर सिंह पंवार ने कहा पहले एक व्यक्ति के जबान देने पर पूरा समाज उसके पीछे हो जाता था, लेकिन अब लोगों में एकजुटता नहीं रही। उन्होंने कहा समाज में एकजुटता जरूरी है. तभी विकास संभव है।