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कल्पद्रुम विधान में हुई 64 ऋद्धियों की पूजा
Updated Wed, 27 Sep 2017 01:27 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
अजितनाथ मंडी कमेटी के तत्वावधान में आचार्य सुंदर सागर महाराज के सानिध्य में विहर्ष सभागार में चल रहे कल्पद्रुम महामंडल विधान में 64 ऋद्धियों की पूजा की गई।
विधानाचार्य ब्रह्मचारणी रीता और ब्रह्मचारी विक्की के निर्देशन में 500 इंद्र-इंद्राणियों ने जिनेंद्र भगवान की अर्चना की और आचार्य सुंदर सागर महाराज द्वारा बोले गए दिव्य मंत्रों के बीच शांति धारा का सौभाग्य सौधर्म इंद्र अशोक जैन, चक्रवृत्ति गौरव जैन, कुबेर इंद्र वीरेंद्र जैन और यज्ञ नायक देवेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। नित्य नियम की पूजन में देव शास्त्र गुरू की पूजा हुई। विधान के पूजन में 64 ऋद्धियों की पूजा हुई। इसके बाद अर्घ्य समर्पित किए। इसके बाद साधु पूजन में 24 तीर्थंकर भगवान को अर्घ्य समर्पित किए । विधान में संगीतकार विजय के धार्मिक भजनों पर श्रद्धालु थिरके । विधान के मध्य बोलते हुए आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा यदि तुम्हारी भक्ति सच्ची होगी तो तुम्हारा कोई कार्य रुक नहीं सकता। इसमें प्रमोद जैन, मदन लाल जैन, वरदान जैन, मुकेश जैन, अभय जैन, आदीश जैन, राजेश भारती, नरेश, संजय जैन, शरद जैन आदि रहे। रात्रि में आरती और डांडिया की प्रस्तुति की गई।
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अजितनाथ मंडी कमेटी के तत्वावधान में आचार्य सुंदर सागर महाराज के सानिध्य में विहर्ष सभागार में चल रहे कल्पद्रुम महामंडल विधान में 64 ऋद्धियों की पूजा की गई।
विधानाचार्य ब्रह्मचारणी रीता और ब्रह्मचारी विक्की के निर्देशन में 500 इंद्र-इंद्राणियों ने जिनेंद्र भगवान की अर्चना की और आचार्य सुंदर सागर महाराज द्वारा बोले गए दिव्य मंत्रों के बीच शांति धारा का सौभाग्य सौधर्म इंद्र अशोक जैन, चक्रवृत्ति गौरव जैन, कुबेर इंद्र वीरेंद्र जैन और यज्ञ नायक देवेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। नित्य नियम की पूजन में देव शास्त्र गुरू की पूजा हुई। विधान के पूजन में 64 ऋद्धियों की पूजा हुई। इसके बाद अर्घ्य समर्पित किए। इसके बाद साधु पूजन में 24 तीर्थंकर भगवान को अर्घ्य समर्पित किए । विधान में संगीतकार विजय के धार्मिक भजनों पर श्रद्धालु थिरके । विधान के मध्य बोलते हुए आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा यदि तुम्हारी भक्ति सच्ची होगी तो तुम्हारा कोई कार्य रुक नहीं सकता। इसमें प्रमोद जैन, मदन लाल जैन, वरदान जैन, मुकेश जैन, अभय जैन, आदीश जैन, राजेश भारती, नरेश, संजय जैन, शरद जैन आदि रहे। रात्रि में आरती और डांडिया की प्रस्तुति की गई।
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