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ठोस निर्णय नहीं तो करो-मनो के साथ होगा आंदोलन
Updated Sun, 13 Aug 2017 01:40 AM IST
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बागपत। बीआरसी में शिक्षा मित्रों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया 15 अगस्त तक ठोस निर्णय नहीं लिया तो करो-मरो के साथ आंदोलन होगा। झूठे आश्वासन पर आंदोलन को स्थगित नहीं होने दिया जाएगा।
समायोजन निरस्त होने से शिक्षा मित्रों ने आंदोलन की राह चल दिए थे। कलक्ट्रेट में छह दिन तक धरना प्रदर्शन किया। रोड जाम और बीएसए ऑफिस में तालाबंदी कर दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री के आश्वासन पर आंदोलन को स्थगित कर दिया था। शनिवार को शहर की बीआरसी में शिक्षा मित्रों की बैठक हुई, इसमें वक्ताओं ने कहा शिक्षामित्रों के साथ न्यायालय ने सहीं किया और सरकार उनकी ठोस पैरवी नहीं की, जिस कारण समायोजन निरस्त किया है। एक फैसले से परिवार के सामने भूखों मारने की नौबत आ गई है। प्रदेश में कई शिक्षा मित्रों की टेंशन में मौत तक हो चुकी है। बैठक में निर्णय लिया यदि 15 अगस्त तक ठोस निर्णय नहीं लिया तो इस बार करो-मरो का आंदोलन करने को मजबूर होंगे। शासन और प्रशासन की पूर्ण जिम्मेदारी होगी। जिलाध्यक्ष राजेश पंवार, बिजेंद्र भाटी, भरत सिंह, कुशलता चौहान, राजेंद्र कुमार, योगेश कुमार, ओम दत्त शर्मा, अंजु ढाका, धीरज कुमार आदि रहे।
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समायोजन निरस्त होने से शिक्षा मित्रों ने आंदोलन की राह चल दिए थे। कलक्ट्रेट में छह दिन तक धरना प्रदर्शन किया। रोड जाम और बीएसए ऑफिस में तालाबंदी कर दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री के आश्वासन पर आंदोलन को स्थगित कर दिया था। शनिवार को शहर की बीआरसी में शिक्षा मित्रों की बैठक हुई, इसमें वक्ताओं ने कहा शिक्षामित्रों के साथ न्यायालय ने सहीं किया और सरकार उनकी ठोस पैरवी नहीं की, जिस कारण समायोजन निरस्त किया है। एक फैसले से परिवार के सामने भूखों मारने की नौबत आ गई है। प्रदेश में कई शिक्षा मित्रों की टेंशन में मौत तक हो चुकी है। बैठक में निर्णय लिया यदि 15 अगस्त तक ठोस निर्णय नहीं लिया तो इस बार करो-मरो का आंदोलन करने को मजबूर होंगे। शासन और प्रशासन की पूर्ण जिम्मेदारी होगी। जिलाध्यक्ष राजेश पंवार, बिजेंद्र भाटी, भरत सिंह, कुशलता चौहान, राजेंद्र कुमार, योगेश कुमार, ओम दत्त शर्मा, अंजु ढाका, धीरज कुमार आदि रहे।
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