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मलकपुर मिल द्वारा टेकिंग आदेश के अनुसार नहीं हुआ भुगतान
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:59 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
सहकारी गन्ना विकास समिति, मलकपुर के चेयरमैन धूम सिंह ने कहा मलकपुर चीनी मिल ने टेकिंग आदेश के अनुसार किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं किया। उन्होंने मिल मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर व्यर्तित धनराशि किसानों के खाते में डलवाने की मांग की।
उन्होंने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में बताया मलकपुर चीनी मिल ने पेराई सत्र 2016 -17 में उत्पादित चीनी से प्राप्त लगभग 229 करोड़ रुपये का व्यावर्तन चीनी मिल ने किया जो कि किसानों के साथ धोखाधड़ी है। जीएम के टेकिंग आदेश आठ दिसंबर 2016 के अनुसार चीनी मिल की बिक्री की 85 प्रतिशत धनराशि गन्ना भुगतान में वर्ष 2016 -17 में होनी चाहिए। जबकि इस वर्ष 15 मई तक टेकिंग आदेश के अनुसार 249.77 करोड़ रुपये के सापेक्ष सिर्फ 30.24.41.000 रुपये वर्ष 2016-17 के गन्ना मूल्य भुगतान में दिया। उन्होंने बताया सत्र 2016 -17 के दौरान चीनी मिल द्वारा उत्पाद बिजली, खोई, शीरा, प्रेसमढ़ की बिक्री का समस्त मूल्य 2016-17 के गन्ने के भुगतान में टेकिंग आदेश किए। मिल की प्रबंध समिति ने 2016-17 के गन्ना भुगतान का पैसा दूसरी कंपनी को 106.64 करोड़ और एक अन्य कंपनी को 23 करोड़ रुपये का लोन दिया है जो किसानों के साथ धोखाधड़ी है। उन्होंने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराकर पैसा वापस दिलाने की मांग की।
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सहकारी गन्ना विकास समिति, मलकपुर के चेयरमैन धूम सिंह ने कहा मलकपुर चीनी मिल ने टेकिंग आदेश के अनुसार किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं किया। उन्होंने मिल मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर व्यर्तित धनराशि किसानों के खाते में डलवाने की मांग की।
उन्होंने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में बताया मलकपुर चीनी मिल ने पेराई सत्र 2016 -17 में उत्पादित चीनी से प्राप्त लगभग 229 करोड़ रुपये का व्यावर्तन चीनी मिल ने किया जो कि किसानों के साथ धोखाधड़ी है। जीएम के टेकिंग आदेश आठ दिसंबर 2016 के अनुसार चीनी मिल की बिक्री की 85 प्रतिशत धनराशि गन्ना भुगतान में वर्ष 2016 -17 में होनी चाहिए। जबकि इस वर्ष 15 मई तक टेकिंग आदेश के अनुसार 249.77 करोड़ रुपये के सापेक्ष सिर्फ 30.24.41.000 रुपये वर्ष 2016-17 के गन्ना मूल्य भुगतान में दिया। उन्होंने बताया सत्र 2016 -17 के दौरान चीनी मिल द्वारा उत्पाद बिजली, खोई, शीरा, प्रेसमढ़ की बिक्री का समस्त मूल्य 2016-17 के गन्ने के भुगतान में टेकिंग आदेश किए। मिल की प्रबंध समिति ने 2016-17 के गन्ना भुगतान का पैसा दूसरी कंपनी को 106.64 करोड़ और एक अन्य कंपनी को 23 करोड़ रुपये का लोन दिया है जो किसानों के साथ धोखाधड़ी है। उन्होंने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराकर पैसा वापस दिलाने की मांग की।
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