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स्वयं सहायता समूह के नाम पर 12 लाख की ठगी, हंगामा
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बालैनी(सहारनपुर)। पिलाना गांव में स्वयं सहायता समूह के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय व कैनरा बैंक के स्टाफ की मिलीभगत से चार समूहों की 80 महिला सदस्यों के नाम पर ठगी की गई। भारी संख्या में ब्लॉक कार्यालय पहुंचे सदस्याें ने हंगामा किया और अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई।
पिलाना निवासी ओमबती, बिमलेश, राजकुमारी, ज्योति, मीनू, सुनीता आदि ने बताया कि 2015 में उनके गांव के राजपाल पुत्र चंद्रू ब्लॉक कार्यालय पर तैनात एडीओ सतीश कुमार व कैनरा बैंक के माध्यम से सरस्वती, जय बालाजी, पार्वती, बालाजी के नाम चार स्वयं सहायता समूह बनाए थे। प्रत्येक समूह में 20-20 महिलाओं को जोड़ा गया। जिसमें 500 रुपये प्रतिमाह हर सदस्य की किश्त रखी गई। काम के लिए बैंक से लोन का आश्वासन दिया। लेकिन छह बाद भी उन्हें लोन नहीं दिया गया। दो दिन पूर्व पिलाना कैनरा बैंक से उनके घर नोटिस आया। जिसमें प्रत्येक समूह के नाम पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का लोन बकाया है। चार समूह के नाम 6 लाख रुपये निकाले गए। करीब 6 लाख रुपये उनकी किश्त के बैंक में जमा कराने की बजाय गबन कर लिया गया।
बृहस्पतिवार को समूह सदस्य इकट्ठा होकर ब्लॉक कार्यालय पहुंचीं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय प्रभारी से बात की। आरोप है कि उन्होंने समूह सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए भगाने का प्रयास किया। जिस पर सदस्याओं ने उनका घेराव किया। समूह सदस्यों का गुस्सा देख अन्य कर्मचारियों ने कार्यालय से भागकर जान बचाई। सदस्यों का आरोप है कि मुख्य आरोपी राजपाल पिछले एक सप्ताह से गांव से फरार है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, प्रधानमंत्री, महाप्रबन्धक कैनरा बैंक समेत अन्य अधिकारियों से की है। पीड़ितों ने जल्द ही इस मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हंगामा करने वालों में सोनिया, अनिता, पूनम, अंजलि, शिमला, खुशी, सीमा, दयावती, मंजू, अर्चना, पूनम, बबिता आदि मौजूद रहीं। इस बारे में बात करने पर एडीओ सतीष कुमार ने बताया कि उनके पास मामला आया है। उन्होंने कार्यरत बीएमएम से जानकारी ली है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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पिलाना निवासी ओमबती, बिमलेश, राजकुमारी, ज्योति, मीनू, सुनीता आदि ने बताया कि 2015 में उनके गांव के राजपाल पुत्र चंद्रू ब्लॉक कार्यालय पर तैनात एडीओ सतीश कुमार व कैनरा बैंक के माध्यम से सरस्वती, जय बालाजी, पार्वती, बालाजी के नाम चार स्वयं सहायता समूह बनाए थे। प्रत्येक समूह में 20-20 महिलाओं को जोड़ा गया। जिसमें 500 रुपये प्रतिमाह हर सदस्य की किश्त रखी गई। काम के लिए बैंक से लोन का आश्वासन दिया। लेकिन छह बाद भी उन्हें लोन नहीं दिया गया। दो दिन पूर्व पिलाना कैनरा बैंक से उनके घर नोटिस आया। जिसमें प्रत्येक समूह के नाम पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का लोन बकाया है। चार समूह के नाम 6 लाख रुपये निकाले गए। करीब 6 लाख रुपये उनकी किश्त के बैंक में जमा कराने की बजाय गबन कर लिया गया।
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बृहस्पतिवार को समूह सदस्य इकट्ठा होकर ब्लॉक कार्यालय पहुंचीं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय प्रभारी से बात की। आरोप है कि उन्होंने समूह सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए भगाने का प्रयास किया। जिस पर सदस्याओं ने उनका घेराव किया। समूह सदस्यों का गुस्सा देख अन्य कर्मचारियों ने कार्यालय से भागकर जान बचाई। सदस्यों का आरोप है कि मुख्य आरोपी राजपाल पिछले एक सप्ताह से गांव से फरार है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, प्रधानमंत्री, महाप्रबन्धक कैनरा बैंक समेत अन्य अधिकारियों से की है। पीड़ितों ने जल्द ही इस मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हंगामा करने वालों में सोनिया, अनिता, पूनम, अंजलि, शिमला, खुशी, सीमा, दयावती, मंजू, अर्चना, पूनम, बबिता आदि मौजूद रहीं। इस बारे में बात करने पर एडीओ सतीष कुमार ने बताया कि उनके पास मामला आया है। उन्होंने कार्यरत बीएमएम से जानकारी ली है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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