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लक्ष्य निर्धारित करें और हासिल करने के लिए जान लड़ा दें
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:14 AM IST
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बागपत। अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आचार्य जय सागर दिगंबर जैन कन्या इंटर कॉलेज अमीनगर सराय में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी गोस्वामी ने कहा कि बेटियां देश का भविष्य हैं। लड़कियां अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें। छोटी-छोटी चीजों को इग्नोर न करें। रोज कपड़े बदलें, सप्ताह में दो बार शैंपू जरूर करें और रोजाना पर्याप्त पानी जरूर पीये। खुजली, बुखार, खांसी, नजला और जुकाम जैसी बीमारियों से सावधानी से बचाव किया जा सकता है। स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। तन और मन की स्वच्छता जरूरी हैं। दिनचर्या में छोटी- छोटी बातों का ख्याल रखकर खुद को स्वस्थ रखा जा सकता है। खेलकूद में हिस्सा जरूर लें। लड़कियां अपने लिए लक्ष्य निर्धारित करें और उसे हासिल करने के लिए जी जान लगा दें। इससे पहले कैंप का शुभारंभ प्रधानाचार्या अरुण बाला जैन एवं डॉ. रजनी गोस्वामी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इसमें डॉ. अनुज गोस्वामी, दिनेश जैन, कृष्णा, साधना यादव, कमलेश देवी, सरोज बाला, कमलेश जैन, अनीता जैन, मधु रानी जैन, अनीता शर्मा, पूनम पालीवाल, निरुपमा त्यागी और नूतन जैन मौजूद रहीं।
क्या कहा डॉक्टर ने
बागपत। डॉ. रजनी गोस्वामी ने कहा कि जंक फूड खाने से बचें और खानपान में ऐसी चीजों का प्रयोग करें, जिससे शरीर को ऊर्जा मिले। खाने में गुणवत्ता जरूरी है। पौष्टिक आहार लें, ताजा भोजन खाएं। बीमारियों को कभी अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। छात्राओं से आह्वान किया कि वह रोज योग और व्यायाम के लिए आधा या एक घंटे का समय जरूर निकाले। खाने में मौसम के फल, सब्जियों का सेवन करें।
क्या बोली छात्राएं
सना ने कहा कि स्वास्थ्य के विषय में अहम जानकारियां मिलीं। किसी भी बीमारी की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
सुमैया ने कहा कि शिविर से उन्हें स्वास्थ्य और योग की जानकारी मिली। स्वस्थ मन के लिए स्वस्थ शरीर भी जरूरी है।
जीनत ने कहा कि डॉक्टर ने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। यह बताया कि नियमित स्वच्छता से ही शरीर स्वच्छ रहता है।
शना ने कहा कि डॉक्टर ने नियमित और अनुशासित तरीके से पढ़ाई के लिए स्वास्थ्य की देखभाल के टिप्स दिए।
गुुलिस्तां ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। इसकी सभी को पूरी तरह से ध्यान रखना चाहिए।
चिंकी ने कहा कि शिविर में योग और खेलों के लिए भी प्रेरित किया। खेलों से शरीर स्वस्थ पूरी तरह स्वस्थ रहता है।
सेवी मलिक ने कहा कि दिनचर्या में खेलों को शामिल करना जरूरी है। डॉक्टर ने भी उन्हें यही प्रेरणा देने का काम किया।
आयशा ने कहा कि शिविर के जरिये उन्हें खुद को स्वस्थ रखने की जानकारी हासिल हुई। बेहद अच्छा अनुभव रहा।
सुमाईला का कहना है कि आउटडोर खेलों को दिनचर्या में शामिल किया जाना चाहिए। यही शिविर से सीख मिली।
पिंकी ने कहा कि कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली। खेलों को दिनचर्या में शामिल करने से शरीर स्वस्थ रहता है।
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क्या कहा डॉक्टर ने
बागपत। डॉ. रजनी गोस्वामी ने कहा कि जंक फूड खाने से बचें और खानपान में ऐसी चीजों का प्रयोग करें, जिससे शरीर को ऊर्जा मिले। खाने में गुणवत्ता जरूरी है। पौष्टिक आहार लें, ताजा भोजन खाएं। बीमारियों को कभी अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। छात्राओं से आह्वान किया कि वह रोज योग और व्यायाम के लिए आधा या एक घंटे का समय जरूर निकाले। खाने में मौसम के फल, सब्जियों का सेवन करें।
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क्या बोली छात्राएं
सना ने कहा कि स्वास्थ्य के विषय में अहम जानकारियां मिलीं। किसी भी बीमारी की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
सुमैया ने कहा कि शिविर से उन्हें स्वास्थ्य और योग की जानकारी मिली। स्वस्थ मन के लिए स्वस्थ शरीर भी जरूरी है।
जीनत ने कहा कि डॉक्टर ने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। यह बताया कि नियमित स्वच्छता से ही शरीर स्वच्छ रहता है।
शना ने कहा कि डॉक्टर ने नियमित और अनुशासित तरीके से पढ़ाई के लिए स्वास्थ्य की देखभाल के टिप्स दिए।
गुुलिस्तां ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। इसकी सभी को पूरी तरह से ध्यान रखना चाहिए।
चिंकी ने कहा कि शिविर में योग और खेलों के लिए भी प्रेरित किया। खेलों से शरीर स्वस्थ पूरी तरह स्वस्थ रहता है।
सेवी मलिक ने कहा कि दिनचर्या में खेलों को शामिल करना जरूरी है। डॉक्टर ने भी उन्हें यही प्रेरणा देने का काम किया।
आयशा ने कहा कि शिविर के जरिये उन्हें खुद को स्वस्थ रखने की जानकारी हासिल हुई। बेहद अच्छा अनुभव रहा।
सुमाईला का कहना है कि आउटडोर खेलों को दिनचर्या में शामिल किया जाना चाहिए। यही शिविर से सीख मिली।
पिंकी ने कहा कि कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली। खेलों को दिनचर्या में शामिल करने से शरीर स्वस्थ रहता है।