{"_id":"5b6df30e4f1c1ba13e8b62eb","slug":"11533932302-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रस्तावित वृहद गोसंरक्षण केंद्र के लिए 50 लाख की धनराशि अवमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रस्तावित वृहद गोसंरक्षण केंद्र के लिए 50 लाख की धनराशि अवमुक्त
Updated Sat, 11 Aug 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। बदरखा में 1.20 करोड़ से प्रस्तावित वृहद गो संरक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 50 लाख की धनराशि अवमुक्त हो गई है। जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। जिले में आवारा घूमने वाले करीब चार-पांच हजार गोवंशों को संरक्षण दिया जाएगा। केंद्र में चारे की व्यवस्था होगी।
जिले के हर गांव में आवारा गोवंश हैं। इनके द्वारा किसानों को नुकसान पहुंचाया जाता है। आए दिन गोकसी के प्रकरण भी सामने आ रहे है। गो रक्षा के नाम पर भी आपराधिक घटनाएं हुई है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए सुबे के मुख्यमंत्री ने जिले में वृहद गो संरक्षण केंद्र खोलने की योजना संचालित की। जिले में बदरखा गांव के जंगल में प्रस्तावित हुई है। यहां पर करीब आठ बीघे जमीन पर गो संरक्षण केंद्र बनाया जाएगा। इसके निर्माण में 1.20 करोड़ रुपये की लागत आएगी। प्रथम किश्त के रूप में 50 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त हो गई है। जल्द निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद जिले में घूमने वाले चार-पांच हजार आवारा गोवंश को इस केंद्र में भिजवाया जाएगा। इसके निर्माण से सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होगा, क्योंकि फसलों को नुकसान पहुंचते है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि 50 वृहद गो संरक्षण केंद्र के लिए 50 लाख की प्रथम किश्त प्राप्त हो गई। जल्द निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। इससे आवारा गोवंश को रखवाया जाएगा।
केंद्र पर बनेंगे कर्मचारियों के आवास
बागपत। आठ बीघे भूमि में वृहद गो संरक्षण केंद्र बनेगा। इसमें कर्मचारियों के रहने के लिए आवास और पशुओं के लिए टीनशेड बनवाई जाएगी। चारा रखने के लिए बड़े-बड़े कमरे बनने प्रस्तावित है। इसके अलावा पशुओं को घूमने-फिरने के लिए भी काफी हद तक जगह खाली छोड़ी जाएगी।
विज्ञापन
हादसों पर लग सकेगा अंकुश
बागपत। रोड पर आए दिन गोवंश के साथ हादसे भी हो रहे है। वाहनों की टक्कर से कोई घायल हो गया है तो किसी की मौत हो चुकी है। गोवंश के कारण सड़क पर बड़े हादसे भी होने से बच गए है। गोसंरक्षण केंद्र के बनने से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा।
प्रधानों से लिया जाएगा सहयोग
बागपत। सीवीओ डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि गो संरक्षण केंद्र का निर्माण पूरा होने के बाद गांव-गांव में गोवंश को पहुंचवाने के लिए अभियान चलवाया जाएगा। ग्राम प्रधानों से भी इसमें सहयोग लिया जाएगा।
विज्ञापन
जिले के हर गांव में आवारा गोवंश हैं। इनके द्वारा किसानों को नुकसान पहुंचाया जाता है। आए दिन गोकसी के प्रकरण भी सामने आ रहे है। गो रक्षा के नाम पर भी आपराधिक घटनाएं हुई है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए सुबे के मुख्यमंत्री ने जिले में वृहद गो संरक्षण केंद्र खोलने की योजना संचालित की। जिले में बदरखा गांव के जंगल में प्रस्तावित हुई है। यहां पर करीब आठ बीघे जमीन पर गो संरक्षण केंद्र बनाया जाएगा। इसके निर्माण में 1.20 करोड़ रुपये की लागत आएगी। प्रथम किश्त के रूप में 50 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त हो गई है। जल्द निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद जिले में घूमने वाले चार-पांच हजार आवारा गोवंश को इस केंद्र में भिजवाया जाएगा। इसके निर्माण से सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होगा, क्योंकि फसलों को नुकसान पहुंचते है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि 50 वृहद गो संरक्षण केंद्र के लिए 50 लाख की प्रथम किश्त प्राप्त हो गई। जल्द निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। इससे आवारा गोवंश को रखवाया जाएगा।
विज्ञापन
केंद्र पर बनेंगे कर्मचारियों के आवास
बागपत। आठ बीघे भूमि में वृहद गो संरक्षण केंद्र बनेगा। इसमें कर्मचारियों के रहने के लिए आवास और पशुओं के लिए टीनशेड बनवाई जाएगी। चारा रखने के लिए बड़े-बड़े कमरे बनने प्रस्तावित है। इसके अलावा पशुओं को घूमने-फिरने के लिए भी काफी हद तक जगह खाली छोड़ी जाएगी।
विज्ञापन
हादसों पर लग सकेगा अंकुश
बागपत। रोड पर आए दिन गोवंश के साथ हादसे भी हो रहे है। वाहनों की टक्कर से कोई घायल हो गया है तो किसी की मौत हो चुकी है। गोवंश के कारण सड़क पर बड़े हादसे भी होने से बच गए है। गोसंरक्षण केंद्र के बनने से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा।
प्रधानों से लिया जाएगा सहयोग
बागपत। सीवीओ डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि गो संरक्षण केंद्र का निर्माण पूरा होने के बाद गांव-गांव में गोवंश को पहुंचवाने के लिए अभियान चलवाया जाएगा। ग्राम प्रधानों से भी इसमें सहयोग लिया जाएगा।