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15 कॉलेजों के छात्रो की गड़बड़ी के चलते रोकी गई छात्रवृति
Updated Sat, 28 Apr 2018 01:48 AM IST
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बागपत। जिले के 15 कॉलेजों द्वारा छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों के गलत दस्तावेज अप लोड़ कर दिए थे। आवेदनों में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद छात्रवृत्ति को रोका था। समाज कल्याण विभाग ने संबंधित कॉलेजों से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं दी।
कॉलेजों में छात्रवृत्ति एवं प्रतिपूर्ति शुल्क हड़पने के लिए फर्जी छात्र-छात्राओं का आवेदन कॉलेजों की ओर से किए जाने का मामला सामने आया है। पूर्व में 286 फर्जी विद्यार्थियों ने समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने जांच पड़ताल के दौरान पकड़े थे। तीन कॉलेजों के एक प्रबंधक ने विभाग की साइट को हैक कर विद्यार्थियों को अप लोड कर दिए थे। जिससे मामला शासन से पहुंच गया था। बाद में उसको निरस्त करवा दिया। अब 15 कॉलेज ऐसे हैं, जिन्होंने फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति हड़पने के लिए छात्रों के आवेदन कर दिए थे। इसकी जांच समाज कल्याण अधिकारी और शासन स्तर से हुई। आवेदनों में काफी संख्या में त्रुटियां मिलीं। किसी में गलत आय प्रमाण पत्र लगा था, तो किसी में बैंक का खाता संख्या गलत थी। अन्य काफी कमियां मिली। इसे देखकर संबंधित कॉलेजों के छात्रों का डाटा संदेहास्पद होने के कारण छात्रवृत्ति रोक दी। समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने बताया कि इन कॉलेजों द्वारा द्वारा किए गए आवेदनों में गड़बड़ी मिली है। इस कारण इन्हें छात्रवृत्ति को रोका है। वहीं कॉलेजों से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है कि आवेदन में गलतियों का ब्योरा दें। नोटिस जारी करने की तैयारी है।
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कॉलेजों में छात्रवृत्ति एवं प्रतिपूर्ति शुल्क हड़पने के लिए फर्जी छात्र-छात्राओं का आवेदन कॉलेजों की ओर से किए जाने का मामला सामने आया है। पूर्व में 286 फर्जी विद्यार्थियों ने समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने जांच पड़ताल के दौरान पकड़े थे। तीन कॉलेजों के एक प्रबंधक ने विभाग की साइट को हैक कर विद्यार्थियों को अप लोड कर दिए थे। जिससे मामला शासन से पहुंच गया था। बाद में उसको निरस्त करवा दिया। अब 15 कॉलेज ऐसे हैं, जिन्होंने फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति हड़पने के लिए छात्रों के आवेदन कर दिए थे। इसकी जांच समाज कल्याण अधिकारी और शासन स्तर से हुई। आवेदनों में काफी संख्या में त्रुटियां मिलीं। किसी में गलत आय प्रमाण पत्र लगा था, तो किसी में बैंक का खाता संख्या गलत थी। अन्य काफी कमियां मिली। इसे देखकर संबंधित कॉलेजों के छात्रों का डाटा संदेहास्पद होने के कारण छात्रवृत्ति रोक दी। समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने बताया कि इन कॉलेजों द्वारा द्वारा किए गए आवेदनों में गड़बड़ी मिली है। इस कारण इन्हें छात्रवृत्ति को रोका है। वहीं कॉलेजों से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है कि आवेदन में गलतियों का ब्योरा दें। नोटिस जारी करने की तैयारी है।
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