{"_id":"5ae22af04f1c1b350a8b6ae9","slug":"11524771568-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर सड़क होने से स्कूल-कॉल्ज जाने वाले भी प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर सड़क होने से स्कूल-कॉल्ज जाने वाले भी प्रभावित
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
दिल्ली-सहारनपुर हाइवे को बड़ौत-मुजफ्फरनगर से जोड़ने वाला लिंक रोड पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस कारण यहां से गुजरने वाले छात्रा और छात्राओं को भी स्कूल और कॉलेज आने और जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे उनकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे स्कूली बच्चों में प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
छात्रा विदुषी का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूल जाना पड़ता है। कई बार तो सड़क में हुए गहरे गड्ढों के कारण स्कूल बस तक खराब हो जाती है। पैदल चलने वाले लोगों के लिए यह मार्ग अब सही नहीं रह गया है। छात्रा कुंजन बताती है कि मार्ग गड्ढों मेें तब्दील हो जाने के कारण अब छोटे वाहन इस पर नहीं चलते है। बड़े वाहनों के यहां से गुजरने पर स्कूल जाने वाली छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, क्योंकि गड्ढों को बचाने के चक्कर मेें कई बार बड़े वाहन स्कूल बस से टकराते-टकराते बचते हैं। छात्र साइन ने बताया कि इस मार्ग पर जनता वैदिक डिग्री कॉलेज, जनता वैदिक इंटर कॉलेज सहित कई स्कूल पड़ते हैं। इन स्कूलों और कॉलेजों में दूरदराज से काफी संख्या में छात्र-छात्राएं साइकिल पर या पैदल स्कूल तक पहुंचते है। मार्ग जर्जर होने के कारण आए दिन छात्रों की साइकिल खराब होती रहती है। पैदल चलने वाले छात्रों का पैर भी गड्ढों में गिर जाने के कारण फैक्चर होने की आशंका बनी रहती है। छात्रा अभिलाषा ने बताया कि इस जर्जर मार्ग के कारण महीने में कम से कम 10 दिन स्कूल जाने मेें लेट हो जाते हैं। इससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता है, क्योंकि जर्जर मार्ग पर न तो तेज चल सकते हैं और न ही दौड़ सकते हैं। अन्य वाहन भी धीमी गति से ही चलते हैं। स्थानीय लोगों के शिकायत करने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि या अधिकारियों ने समस्या को संज्ञान में नहीं लिया। इससे स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों में प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है।
विज्ञापन
दिल्ली-सहारनपुर हाइवे को बड़ौत-मुजफ्फरनगर से जोड़ने वाला लिंक रोड पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस कारण यहां से गुजरने वाले छात्रा और छात्राओं को भी स्कूल और कॉलेज आने और जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे उनकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे स्कूली बच्चों में प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
छात्रा विदुषी का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूल जाना पड़ता है। कई बार तो सड़क में हुए गहरे गड्ढों के कारण स्कूल बस तक खराब हो जाती है। पैदल चलने वाले लोगों के लिए यह मार्ग अब सही नहीं रह गया है। छात्रा कुंजन बताती है कि मार्ग गड्ढों मेें तब्दील हो जाने के कारण अब छोटे वाहन इस पर नहीं चलते है। बड़े वाहनों के यहां से गुजरने पर स्कूल जाने वाली छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, क्योंकि गड्ढों को बचाने के चक्कर मेें कई बार बड़े वाहन स्कूल बस से टकराते-टकराते बचते हैं। छात्र साइन ने बताया कि इस मार्ग पर जनता वैदिक डिग्री कॉलेज, जनता वैदिक इंटर कॉलेज सहित कई स्कूल पड़ते हैं। इन स्कूलों और कॉलेजों में दूरदराज से काफी संख्या में छात्र-छात्राएं साइकिल पर या पैदल स्कूल तक पहुंचते है। मार्ग जर्जर होने के कारण आए दिन छात्रों की साइकिल खराब होती रहती है। पैदल चलने वाले छात्रों का पैर भी गड्ढों में गिर जाने के कारण फैक्चर होने की आशंका बनी रहती है। छात्रा अभिलाषा ने बताया कि इस जर्जर मार्ग के कारण महीने में कम से कम 10 दिन स्कूल जाने मेें लेट हो जाते हैं। इससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता है, क्योंकि जर्जर मार्ग पर न तो तेज चल सकते हैं और न ही दौड़ सकते हैं। अन्य वाहन भी धीमी गति से ही चलते हैं। स्थानीय लोगों के शिकायत करने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि या अधिकारियों ने समस्या को संज्ञान में नहीं लिया। इससे स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों में प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है।
विज्ञापन