{"_id":"5ade2dd54f1c1b60098b6224","slug":"11524510165-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृष्णा नदी पर जल समाधि लेने पहुंचे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृष्णा नदी पर जल समाधि लेने पहुंचे किसान
Updated Tue, 24 Apr 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट (बागपत)।
बामनौली गांव में चकबंदी से आहत दो किसान कृष्णा नदी पर जल समाधि लेने पहुंचे। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर किसानों को जल समाधि लेने से रोक लिया और एसडीएम बड़ौत से फोन पर बात कर आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान कराया जाएगा। इस पर किसानों ने जल समाधि के निर्णय को वापस ले लिया।
बामनौली गांव में चकबंदी विभाग द्वारा किसान खिलारी पुत्र हरवंश की 13 बीघा और राम रतन पुत्र शेर सिंह की आठ बीघा जमीन नहीं दी जा रही है। दोनों किसान चकबंदी अधिकारियों के चक्कर काटते थक चुके हैं, लेकिन उनकी जमीन वापस नहीं कराई। चकबंदी विभाग ने पहले उनके चकों की पैमाइश कर दी, बाद में उनकी कुछ जमीन मूल जोत की जमीन से हटाकर दूसरी जगह कर दी। इस संबंध में अधिकारियों से मिले तो हर बार आश्वासन ही दिया। चकबंदी से आहत होकर उन्होंने जल समाधि लेने का निर्णय लिया। सोमवार को दोनों किसान कृष्णा नदी में जल समाधि लेने के लिए पहुंचे । सूचना पर दोघट थानाध्यक्ष चितवन कुमार पुलिस बल के साथ कृष्णा नदी पर पहुंचे और जल समाधि लेने जा रहे दोनों किसानों को रोक लिया। एसओ ने फोन पर एसडीएम बड़ौत से बात की और किसानों की समस्या के बारे में बताया। एसडीएम ने समस्या का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने जल समाधि लेने का निर्णय वापस ले लिया और वापस घर लौट गए।
आत्मदाह की चेतावनी दी
दोघट (बागपत)। बामनौली गांव निवासी अनिल कुमार पुत्र स्वर्गीय चांदराम ने एसडीएम से प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह दिव्यांग है। उनको तीन बीघा जमीन पट्टे में मिली हुई है। जिस पर आज तक कब्जा नहीं दिलाया । उसने एसडीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उसने कहा यदि उसकी जमीन नहीं दिलाई तो वह मंगलवार को समाधान दिवस या डीएम कार्यालय के बाहर परिवार सहित आत्मदाह कर लेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बामनौली गांव में चकबंदी से आहत दो किसान कृष्णा नदी पर जल समाधि लेने पहुंचे। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर किसानों को जल समाधि लेने से रोक लिया और एसडीएम बड़ौत से फोन पर बात कर आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान कराया जाएगा। इस पर किसानों ने जल समाधि के निर्णय को वापस ले लिया।
बामनौली गांव में चकबंदी विभाग द्वारा किसान खिलारी पुत्र हरवंश की 13 बीघा और राम रतन पुत्र शेर सिंह की आठ बीघा जमीन नहीं दी जा रही है। दोनों किसान चकबंदी अधिकारियों के चक्कर काटते थक चुके हैं, लेकिन उनकी जमीन वापस नहीं कराई। चकबंदी विभाग ने पहले उनके चकों की पैमाइश कर दी, बाद में उनकी कुछ जमीन मूल जोत की जमीन से हटाकर दूसरी जगह कर दी। इस संबंध में अधिकारियों से मिले तो हर बार आश्वासन ही दिया। चकबंदी से आहत होकर उन्होंने जल समाधि लेने का निर्णय लिया। सोमवार को दोनों किसान कृष्णा नदी में जल समाधि लेने के लिए पहुंचे । सूचना पर दोघट थानाध्यक्ष चितवन कुमार पुलिस बल के साथ कृष्णा नदी पर पहुंचे और जल समाधि लेने जा रहे दोनों किसानों को रोक लिया। एसओ ने फोन पर एसडीएम बड़ौत से बात की और किसानों की समस्या के बारे में बताया। एसडीएम ने समस्या का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने जल समाधि लेने का निर्णय वापस ले लिया और वापस घर लौट गए।
विज्ञापन
आत्मदाह की चेतावनी दी
दोघट (बागपत)। बामनौली गांव निवासी अनिल कुमार पुत्र स्वर्गीय चांदराम ने एसडीएम से प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह दिव्यांग है। उनको तीन बीघा जमीन पट्टे में मिली हुई है। जिस पर आज तक कब्जा नहीं दिलाया । उसने एसडीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उसने कहा यदि उसकी जमीन नहीं दिलाई तो वह मंगलवार को समाधान दिवस या डीएम कार्यालय के बाहर परिवार सहित आत्मदाह कर लेगा।
विज्ञापन