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बिजली के दाम बढ़े, किसानों को जोर का झटका
Updated Fri, 01 Dec 2017 01:26 AM IST
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बागपत। बिजली के दामों में बढ़ोत्तरी से किसानों को जोर का झटका लगा है। पचास रुपये प्रति हार्स पावर में बढ़ोत्तरी से किसानों की जेब ढीली होगी। लोगों ने इस पर नाराजगी जताई है। रालोद ने कहा सरकार का किसान विरोधी फैसला है।
बिजली की दरों में कुछ समय पहले भी बढ़ोतरी की गई थी। तीसरे चरण के मतदान के बाद योगी सरकार ने अब दोबारा बिजली के रेट को बढ़ा दिया। इससे उपभोक्ताओं पर भार बढ़ेगा। ग्रामीण क्षेत्र में बगैर मीटर के उपभोक्ता से 180 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से प्रतिमाह चार्ज लिया जाता था। जो जब 300 रुपये लिया जाएगा। मीटर का प्रति यूनिट के हिसाब से 2.20 रुपये चार्ज लिया जाता था। अब शहरी क्षेत्र की तरह यूनिट के हिसाब से चार्ज में बढ़ोतरी होगी। शहरी क्षेत्र में 90 रुपये प्रति किलोवाट चार्ज वसूला जाता था जो अब 100 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं से 75 रुपये की जगह 95 रुपये चार्ज लिया जाएगा।
किसानों को भी लगा झटका
बागपत। नलकूप कनेक्शन के चार्ज में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले 100 रुपये प्रति हार्स पावर के हिसाब से चार्ज लिया जाता था जो अब बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया है।
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शहरी क्षेत्र की घरेलू बिजली की कीमत
यूनिट पहले अब
100-150 4.40 4.90
150-300 4.95 5.40
300-500 5.60 6.20
500 से अधिक 6.20 6.50
ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी शहरी के हिसाब से देना होगा बिल
यूनिट चार्ज
100-150 3.50
150-300 4.50
300-500 5.00
500 से ऊपर 5.50
किसने क्या कहा
रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने कहा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ाई गई बिजली दरों को सरकार वापस ले, नहीं तो राष्ट्रीय लोकदल द्वारा सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। यह किसानों के साथ अन्याय है।
सपा के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा बिजली के दरों में बढ़ोतरी करके सरकार ने उपभोक्ताओं की कमर तोड़ी है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। सरकार की कथनी और करनी में अंतर साफ दिख रहा है।
रालोद नेता सुखबीर सिंह गठीना ने कहा सरकार किसी को रोजगार तो दे नहीं रही। लोगों पर बिजली की दर बढ़ाकर भार डाल दिया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों के साथ यह अन्याय किया गया है।
जिला पंचायत सदस्य सुशीला तेजान ने कहा सरकार को बिजली की दरों में की गई बढ़ोत्तरी को वापस लेना चाहिए। सरकार के फैसले से आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा।
बसपा जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी ने कहा बिजली के दाम बढ़ाया जाना गलत है। सरकार के फैसले से किसान और आम आदमी को बड़ा नुकसान होगा।
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा सरकार के फैसले का विरोध किया जाएगा। किसान पर दाम बढ़ाने से अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। विरोध किया जाएगा।
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बिजली की दरों में कुछ समय पहले भी बढ़ोतरी की गई थी। तीसरे चरण के मतदान के बाद योगी सरकार ने अब दोबारा बिजली के रेट को बढ़ा दिया। इससे उपभोक्ताओं पर भार बढ़ेगा। ग्रामीण क्षेत्र में बगैर मीटर के उपभोक्ता से 180 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से प्रतिमाह चार्ज लिया जाता था। जो जब 300 रुपये लिया जाएगा। मीटर का प्रति यूनिट के हिसाब से 2.20 रुपये चार्ज लिया जाता था। अब शहरी क्षेत्र की तरह यूनिट के हिसाब से चार्ज में बढ़ोतरी होगी। शहरी क्षेत्र में 90 रुपये प्रति किलोवाट चार्ज वसूला जाता था जो अब 100 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं से 75 रुपये की जगह 95 रुपये चार्ज लिया जाएगा।
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किसानों को भी लगा झटका
बागपत। नलकूप कनेक्शन के चार्ज में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले 100 रुपये प्रति हार्स पावर के हिसाब से चार्ज लिया जाता था जो अब बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया है।
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शहरी क्षेत्र की घरेलू बिजली की कीमत
यूनिट पहले अब
100-150 4.40 4.90
150-300 4.95 5.40
300-500 5.60 6.20
500 से अधिक 6.20 6.50
ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी शहरी के हिसाब से देना होगा बिल
यूनिट चार्ज
100-150 3.50
150-300 4.50
300-500 5.00
500 से ऊपर 5.50
किसने क्या कहा
रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने कहा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ाई गई बिजली दरों को सरकार वापस ले, नहीं तो राष्ट्रीय लोकदल द्वारा सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। यह किसानों के साथ अन्याय है।
सपा के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा बिजली के दरों में बढ़ोतरी करके सरकार ने उपभोक्ताओं की कमर तोड़ी है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। सरकार की कथनी और करनी में अंतर साफ दिख रहा है।
रालोद नेता सुखबीर सिंह गठीना ने कहा सरकार किसी को रोजगार तो दे नहीं रही। लोगों पर बिजली की दर बढ़ाकर भार डाल दिया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों के साथ यह अन्याय किया गया है।
जिला पंचायत सदस्य सुशीला तेजान ने कहा सरकार को बिजली की दरों में की गई बढ़ोत्तरी को वापस लेना चाहिए। सरकार के फैसले से आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा।
बसपा जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी ने कहा बिजली के दाम बढ़ाया जाना गलत है। सरकार के फैसले से किसान और आम आदमी को बड़ा नुकसान होगा।
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा सरकार के फैसले का विरोध किया जाएगा। किसान पर दाम बढ़ाने से अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। विरोध किया जाएगा।