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सरदार वल्लभ भाई पटेल को किया याद
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:55 AM IST
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सरदार वल्लभ भाई पटेल को किया याद
बड़ौत। नगर की शिक्षण-संस्थाओं में मंगलवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग करते हुए उनके जीवन से सीख लेकर उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज मेें हुई संगोष्ठी में डायरेक्टर उपेंद्र चौधरी ने कहा कि सरदार पटेल का राज्यों के एकीकरण करने में बहुत बड़ा योदान रहा है। इसलिए उनका जन्मदिवस प्रतिवर्ष भारत में अखंडता के रूप में मनाया जाता है। बताया कि उनके सामने कई बार प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री बनने से मना कर दिया। उन्होंने हमेशा राष्ट्र व समाज के हित मेें काम किया। उन्होंने बच्चों को उनके जीवन से प्ररेणा लेने का आह्वान किया। संचालन रणपाल सिंह ने किया।
उधर, वनस्थली पब्लिक स्कूल में प्रबंध समिति के आशीष जैन एवं हर्षित जैन ने कहा कि सरदार पटेल दृढ़ निर्णय लेने में सक्षम थे। आज सारे देश का किसान सरदार पटेल का ऋणी है। आजादी के बाद जब नेहरू जी रूस की तर्ज पर भारत में सहकारिता खेती की नीति चलाने पर उतारू थे तो सरदार पटेल ने उनका विरोध कर देश के किसान को उसकी जमीन का मालिकाना हक दिलाने का कार्य किया। संचालन प्रधानाचार्य रणवीर सिंह ने किया।
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मांउट लिटरा स्कूल मेें चेयरमैन हंसकुमार जैन, बिजेंद्र जैन एवं मीडिया प्रभारी ओपी शर्मा ने बच्चों को सरदार पटेल के संघर्षपूर्ण जीवन के बारें में बताया। कहा कि सरदार पटेल देश से बहुत प्यार करते थे। इसलिए देश के हित के लिए उन्होंने कई बार आंदोलन भी लडें। उन्होंने स्कूली बच्चों को पढ़-लिखकर सरदार पटेल बनने व राष्ट्र हित में योगदान देने का संकल्प दिलाया। संगोष्ठी में आयुष, आर्यन, प्रिंसी, रोहित, विकास, वैभव, आरती, साक्षी शामिल रहे।
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बड़ौत। नगर की शिक्षण-संस्थाओं में मंगलवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग करते हुए उनके जीवन से सीख लेकर उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज मेें हुई संगोष्ठी में डायरेक्टर उपेंद्र चौधरी ने कहा कि सरदार पटेल का राज्यों के एकीकरण करने में बहुत बड़ा योदान रहा है। इसलिए उनका जन्मदिवस प्रतिवर्ष भारत में अखंडता के रूप में मनाया जाता है। बताया कि उनके सामने कई बार प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री बनने से मना कर दिया। उन्होंने हमेशा राष्ट्र व समाज के हित मेें काम किया। उन्होंने बच्चों को उनके जीवन से प्ररेणा लेने का आह्वान किया। संचालन रणपाल सिंह ने किया।
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उधर, वनस्थली पब्लिक स्कूल में प्रबंध समिति के आशीष जैन एवं हर्षित जैन ने कहा कि सरदार पटेल दृढ़ निर्णय लेने में सक्षम थे। आज सारे देश का किसान सरदार पटेल का ऋणी है। आजादी के बाद जब नेहरू जी रूस की तर्ज पर भारत में सहकारिता खेती की नीति चलाने पर उतारू थे तो सरदार पटेल ने उनका विरोध कर देश के किसान को उसकी जमीन का मालिकाना हक दिलाने का कार्य किया। संचालन प्रधानाचार्य रणवीर सिंह ने किया।
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मांउट लिटरा स्कूल मेें चेयरमैन हंसकुमार जैन, बिजेंद्र जैन एवं मीडिया प्रभारी ओपी शर्मा ने बच्चों को सरदार पटेल के संघर्षपूर्ण जीवन के बारें में बताया। कहा कि सरदार पटेल देश से बहुत प्यार करते थे। इसलिए देश के हित के लिए उन्होंने कई बार आंदोलन भी लडें। उन्होंने स्कूली बच्चों को पढ़-लिखकर सरदार पटेल बनने व राष्ट्र हित में योगदान देने का संकल्प दिलाया। संगोष्ठी में आयुष, आर्यन, प्रिंसी, रोहित, विकास, वैभव, आरती, साक्षी शामिल रहे।