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गोवर्धन और महारास की कथा सुनाई
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:47 AM IST
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गोवर्धन और महारास की कथा सुनाई
बागपत। शहर के बाबा जानकी दास मंदिर के प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन बाल साध्वी राधा देवी ने गोवर्धन पूजा और महा रास की कथा सुनाई। उन्होंने कहा मनुष्य जब परमात्मा से मिलता है यानी के जीवात्मा और परमात्मा से मिलती है, उसे महा रास कहते हैं। जब एक जीव परमात्मा से नहीं मिलता है, मनुष्य जीवन अधूरा है। मनुष्य जब परमात्मा से मिलता है, तभी उसका जीवन सार्थक होता है। राजा परीक्षित के पूछने पर सुखदेव मुनि ने उनका मोह दूर किया। बड़े आनंद के साथ कथा सुनते रहे और निरंतर उनको कथा सुनाते रहे। भागवत कथा जीवन की व्यथा मिटा देती है। जिसने अपने जीवन में कथा को उतार लिया है, निश्चित उसका कल्याण होता है। इसमें ज्योतिचार्य राज कुमार शास्त्री, मनोज कुमार शास्त्री, नीरज कुमार शास्त्री, राजू, नीलम, पूजा, देवेंद्र त्यागी, अनिल आदि रहे।
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बागपत। शहर के बाबा जानकी दास मंदिर के प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन बाल साध्वी राधा देवी ने गोवर्धन पूजा और महा रास की कथा सुनाई। उन्होंने कहा मनुष्य जब परमात्मा से मिलता है यानी के जीवात्मा और परमात्मा से मिलती है, उसे महा रास कहते हैं। जब एक जीव परमात्मा से नहीं मिलता है, मनुष्य जीवन अधूरा है। मनुष्य जब परमात्मा से मिलता है, तभी उसका जीवन सार्थक होता है। राजा परीक्षित के पूछने पर सुखदेव मुनि ने उनका मोह दूर किया। बड़े आनंद के साथ कथा सुनते रहे और निरंतर उनको कथा सुनाते रहे। भागवत कथा जीवन की व्यथा मिटा देती है। जिसने अपने जीवन में कथा को उतार लिया है, निश्चित उसका कल्याण होता है। इसमें ज्योतिचार्य राज कुमार शास्त्री, मनोज कुमार शास्त्री, नीरज कुमार शास्त्री, राजू, नीलम, पूजा, देवेंद्र त्यागी, अनिल आदि रहे।