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वैदिक सभ्यता से भटक गया है युवा- प्रीतम सिंह
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:39 AM IST
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वैदिक सभ्यता से भटक गया है युवा : प्रीतम सिंह
बड़ौत (बागपत)। सीनियर सिटिजन्स वेलफेयर एसोसिएशन, आर्य समाज एवं एस्रो बड़ौत के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे नवयुवक चरित्र निर्माण कार्यक्रम के तहत शनिवार को एमडी पब्लिक स्कूल एवं डीएवी पब्लिक स्कूल रमाला में कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर प्रीतम सिंह वर्मा ने नवयुवकों के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज का युवा वैदिक सभ्यता से भटक कर पाश्चात्य शिक्षा तथा उनके रहन सहन एवं खान-पान की ओर आकर्षित हो रहा है। जिसके कारण देश की अमूल्य धरोहर वैदिक सभ्यता का ह्रास हो रहा है। नवयुवकों को 25 वर्ष पर्यंत ब्रह्मचर्य का पालन कर अच्छी शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। समय निकलने पर उनके पास पश्चाताप करने के अलावा कुछ नहीं मिलेगा। डॉ. हरपाल सिंह ने कहा कि आज के नवयुवक बुजुर्गों के पास बैठकर उनके अनुभवों से सीख नहीं लेते। जो उनके नैतिक पतन का मुख्य कारण है। संजय राणा ने पानी प्रदूषण, पानी की अनुपलब्धता, पानी का भविष्य तथा बढ़ते प्रदूषण पर विचार व्यक्त करते हुए नवयुवकों को चेतावनी दी कि उन्हें संभलना चाहिए। चरण सिंह ने भजन प्रस्तुत किया। अध्यक्षता भोपाल सिंह चौहान ने की व संचालन सत्यप्रकाश चौहान ने किया। इसमें अमरपाल प्रधानाचार्य, अशोक, बिजेंद्र, देवेंद्र, अक्षय, नदीम, साक्षी, पायल, सीमा, मोनिका आदि उपस्थित रहे।
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बड़ौत (बागपत)। सीनियर सिटिजन्स वेलफेयर एसोसिएशन, आर्य समाज एवं एस्रो बड़ौत के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे नवयुवक चरित्र निर्माण कार्यक्रम के तहत शनिवार को एमडी पब्लिक स्कूल एवं डीएवी पब्लिक स्कूल रमाला में कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर प्रीतम सिंह वर्मा ने नवयुवकों के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज का युवा वैदिक सभ्यता से भटक कर पाश्चात्य शिक्षा तथा उनके रहन सहन एवं खान-पान की ओर आकर्षित हो रहा है। जिसके कारण देश की अमूल्य धरोहर वैदिक सभ्यता का ह्रास हो रहा है। नवयुवकों को 25 वर्ष पर्यंत ब्रह्मचर्य का पालन कर अच्छी शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। समय निकलने पर उनके पास पश्चाताप करने के अलावा कुछ नहीं मिलेगा। डॉ. हरपाल सिंह ने कहा कि आज के नवयुवक बुजुर्गों के पास बैठकर उनके अनुभवों से सीख नहीं लेते। जो उनके नैतिक पतन का मुख्य कारण है। संजय राणा ने पानी प्रदूषण, पानी की अनुपलब्धता, पानी का भविष्य तथा बढ़ते प्रदूषण पर विचार व्यक्त करते हुए नवयुवकों को चेतावनी दी कि उन्हें संभलना चाहिए। चरण सिंह ने भजन प्रस्तुत किया। अध्यक्षता भोपाल सिंह चौहान ने की व संचालन सत्यप्रकाश चौहान ने किया। इसमें अमरपाल प्रधानाचार्य, अशोक, बिजेंद्र, देवेंद्र, अक्षय, नदीम, साक्षी, पायल, सीमा, मोनिका आदि उपस्थित रहे।
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