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वितीय सहमति पर अटकी हैं किसानों की उम्मीदें
Updated Fri, 23 Jun 2017 12:51 AM IST
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रमाला (बागपत)। सहकारी क्षेत्र की रमाला चीनी मिल की पेराई क्षमता 2750 टीसीडी से बढ़ाकर 5000 टीसीडी किए जाने पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। लेकिन, वित्तीय सहमति मिल जाने के बाद ही इस पर कार्य शुरू हो सकेगा। अगले माह शुरू होने जा रहे बजट सत्र में इस पर अंतिम फैसला किया जा सकेगा। करीब सात दशक से समस्या झेल रहे किसानों को परेशानी से निकालने के लिए करीब 311 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
सहकारी क्षेत्र की रमाला शुगर मिल्स लिमिडेट की पेराई क्षमता 2750 टीसीडी है। जिस कारण यहां किसानों को पर्याप्त इंडेंट जारी नहीं हो पाता। आए दिन किसान हंगामा करते हैं। मिल कई बार बीच में बंद भी रहती है। लंबे समय से मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की मांग चल रही थी। उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव नरेश बहादुर ने उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड लखनऊ के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर सैद्धांतिक सहमति के विषय में अवगत कराया है। सचिव का कहना है कि मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने और मिल में 25 मेगावाट कोजनरेशन प्लांट लगाने की सहमति है और इसके लिए करीब 311 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। सैद्धांतिक सहमति के बाद अब सवाल वित्तीय सहमति का है।
चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ने से करीब पांच दशक से परेशानी झेल रहे किसानों को निजात मिल जाएगी। असल में इस क्षेत्र में गन्ना ज्यादा है और मिल की पेराई क्षमता कम है। इस कारण आसपास के जिलों में गन्ना सप्लाई करना पड़ता है। किसान लंबे समय से मांग करते चले आ रहे हैं।
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गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा का कहना है कि किसानों की समस्या है। समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए अभी वित्तीय सहमति नहीं हुई है। बजट सत्र में किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद ही पेराई क्षमता वृद्धि पर अंतिम फैसला हो सकेगा।
अगले माह बजट सत्र में इस पर करेंगे मंथन, 311 करोड़ की वित्तीय सहमति पर होगी चर्चा
सहकारी क्षेत्र की रमाला शुगर मिल्स लिमिडेट की पेराई क्षमता 2750 टीसीडी है। जिस कारण यहां किसानों को पर्याप्त इंडेंट जारी नहीं हो पाता। आए दिन किसान हंगामा करते हैं। मिल कई बार बीच में बंद भी रहती है। लंबे समय से मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की मांग चल रही थी। उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव नरेश बहादुर ने उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड लखनऊ के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर सैद्धांतिक सहमति के विषय में अवगत कराया है। सचिव का कहना है कि मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने और मिल में 25 मेगावाट कोजनरेशन प्लांट लगाने की सहमति है और इसके लिए करीब 311 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। सैद्धांतिक सहमति के बाद अब सवाल वित्तीय सहमति का है।
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चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ने से करीब पांच दशक से परेशानी झेल रहे किसानों को निजात मिल जाएगी। असल में इस क्षेत्र में गन्ना ज्यादा है और मिल की पेराई क्षमता कम है। इस कारण आसपास के जिलों में गन्ना सप्लाई करना पड़ता है। किसान लंबे समय से मांग करते चले आ रहे हैं।
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गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा का कहना है कि किसानों की समस्या है। समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए अभी वित्तीय सहमति नहीं हुई है। बजट सत्र में किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद ही पेराई क्षमता वृद्धि पर अंतिम फैसला हो सकेगा।
अगले माह बजट सत्र में इस पर करेंगे मंथन, 311 करोड़ की वित्तीय सहमति पर होगी चर्चा