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परिजनों की लापरवाही से नवजात की जान गई

Wed, 16 Jan 2019 01:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jan 2019 01:18 AM IST
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परिजनों की लापरवाही से नवजात की जान गई
बड़ौत (बागपत)।
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सरकार संस्थागत प्रसव के लिए तमाम जागरूकता अभियान चला रही है। प्रोत्साहन राशि भी दे रही है और गर्भवती को घर से लाने और प्रसव के बाद घर पहुंचाने की मुफ्त सुविधा भी है, लेकिन फिर भी लोग घर में ही अप्रशिक्षित दाई से प्रसव कराने से बाज नहीं आ रहे हैं। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में परिजनों की लापरवाही से नवजात बच्चे की जान चल गई। इस हादसे के बाद परिजन शोक की लहर में डूब गए।
क्षेत्र के गांव बड़ौली गांव मेें हरेंद्र की पत्नी संगीता गर्भवती थी। सोमवार की रात्रि में संगीता को प्रसव पीड़ा हुई। जागरूकता के अभाव में परिवार वाले उसे अस्पताल नहीं ले गए और एक अप्रशिक्षित दाई को प्रसव कराने के लिए घर में बुला लिया। कड़ी मशक्कत के बाद दाई ने प्रसव कराया तो नवजात बच्चे की हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद नवजात की मौत हो गई। भगवान की शुक्र रहा कि जच्चा ठीक बताई जा रहा है। इस हादसे के बाद परिजनों मेें शोक की लहर दौड़ गई।
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उधर, सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएसके मलिक का कहना था कि जब सरकार लाभकारी योजनाओं के तहत गर्भवती महिलाओं को हर प्रकार की प्रसव के दौरान होने वाले परेशानी के लिए सुविधाएं दे रहे हैं तो फिर परिजन ऐसी लापरवाही क्यों करते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव-गांव व घर-घर जाकर एएनएम, आशा और स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लोगों को संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन फिर भी कुछ लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आते है। इससे जज्जा-बच्चा की जान को खतरा रहता है।
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