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योजनाबद्व तरीके से बनाया जा सकता है भविष्य सुनहरा
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:15 AM IST
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योजनाबद्ध तरीके से बनाया जा सकता है सुनहरा भविष्य
बड़ौत। कुमकुम मोदी पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय कैरियर कांउसिलिंग कार्यशाला का शुभांरभ किया गया, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं को विषय चयन कर भविष्य निर्माण करने के टिप्स दिए गए।
शुक्रवार को कार्यशाला का शुभांरभ प्रधानाचार्य अजय शर्मा व राव फारूख महमूद ने किया। प्रधानाचार्य अजय शर्मा ने कहा कि कक्षा 12वीं तक प्रत्येक छात्र-छात्रा अच्छे अंक लाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। मेहनत के दम पर वे अच्छे अंकों से पास भी हो जाते हैं, लेकिन भविष्य की कोई योजना न बनाने के कारण वह विफल हो जाता है। यदि योजनाबद्ध तरीके से भविष्य निर्माण को लेकर तैयारी की जाए तभी छात्र-छात्राओं का भविष्य बन सकता है। उन्होंने बताया कि देश में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं जैसे नीट, एआई, पीवीटी, एनईटी, एआईईई, आईवीआरआई के माध्यम से कैरियर बनाया जा सकता है। कार्यशाला में जीव विज्ञान प्रवक्ता इरफान मलिक ने बताया कि 12वीं के बाद चिकित्सा, स्वास्थ्य, पोषण, बायोटेक्नोलोजी, जेनेटिक, इंजिनियरिंग, मत्स्य विज्ञान, कृषि विज्ञान, दुग्ध, विज्ञान, खाद, अरोमाथेरेपी तथा जीव थेरेपी के क्षेत्रों में आसानी से भविष्य बनाया जा सकता है। रीना जैन ने वाणिज्य के छात्रों को कैरियर को लेकर टिप्स दिए। कार्यशाला का संचालन मोनिका शर्मा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनानें मेें सुशीला वर्मा, कुसुम, अनुज गुप्ता, रीना, रहमान खान आदि का सहयोग रहा।
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बड़ौत। कुमकुम मोदी पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय कैरियर कांउसिलिंग कार्यशाला का शुभांरभ किया गया, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं को विषय चयन कर भविष्य निर्माण करने के टिप्स दिए गए।
शुक्रवार को कार्यशाला का शुभांरभ प्रधानाचार्य अजय शर्मा व राव फारूख महमूद ने किया। प्रधानाचार्य अजय शर्मा ने कहा कि कक्षा 12वीं तक प्रत्येक छात्र-छात्रा अच्छे अंक लाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। मेहनत के दम पर वे अच्छे अंकों से पास भी हो जाते हैं, लेकिन भविष्य की कोई योजना न बनाने के कारण वह विफल हो जाता है। यदि योजनाबद्ध तरीके से भविष्य निर्माण को लेकर तैयारी की जाए तभी छात्र-छात्राओं का भविष्य बन सकता है। उन्होंने बताया कि देश में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं जैसे नीट, एआई, पीवीटी, एनईटी, एआईईई, आईवीआरआई के माध्यम से कैरियर बनाया जा सकता है। कार्यशाला में जीव विज्ञान प्रवक्ता इरफान मलिक ने बताया कि 12वीं के बाद चिकित्सा, स्वास्थ्य, पोषण, बायोटेक्नोलोजी, जेनेटिक, इंजिनियरिंग, मत्स्य विज्ञान, कृषि विज्ञान, दुग्ध, विज्ञान, खाद, अरोमाथेरेपी तथा जीव थेरेपी के क्षेत्रों में आसानी से भविष्य बनाया जा सकता है। रीना जैन ने वाणिज्य के छात्रों को कैरियर को लेकर टिप्स दिए। कार्यशाला का संचालन मोनिका शर्मा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनानें मेें सुशीला वर्मा, कुसुम, अनुज गुप्ता, रीना, रहमान खान आदि का सहयोग रहा।
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