{"_id":"5b5629504f1c1b46748b6ace","slug":"111532373328-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसात से ध्वस्त हुई सैकड़ों गांवों में विद्युत व्यवस्था, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसात से ध्वस्त हुई सैकड़ों गांवों में विद्युत व्यवस्था, हंगामा
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
पिछले दो दिन से चल रहे बरसात से क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की विद्युत व्यवस्था चौपट हो गई। विद्युत आपूर्ति सुचारु कराने के लिए लोग कर्मचारियों व अधिकारियों के फोन मिलाते रहे, लेकिन किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने लोगों के फोन रिसीव करना भी उचित नहीं समझा। आक्रोशित लोगों ने निगम के खिलाफ नारेबाजी की और अवर अभियंता व एसडीओ पर क्षेत्र में न रहकर अपने आवासों से ड्यूटी करने सहित फोन रिसीव न करने का आरोप लगाए।ं बाद में समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बरसात से सबसे ज्यादा विद्युत व्यवस्था एक्सईएन द्वितीय कार्यालय से जुडे़ बिजरौल, बामनौली, दोघट, पुसार, दाहा, संतनगर, रंछाड़, सिरसली, कान्हड, कंडेरा, छछरपुर, गूंगाखेड़ी सहित दर्जनों गांवों में ठप रही। बरसात शुरू होते ही इन तमाम गांवों मेें विद्युत व्यवस्था ठप हो गई । इससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया। विद्युत आपूर्ति सुचारु कराने के लिए लोग निगम के अफसरों व कर्मचारियों को फोन मिलाते रहे, लेकिन किसी ने भी फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा।
ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र के गांवों मेें तैनात अधिकांश अवर अभियंता बड़ौत नगर में रहते हैं, नाममात्र ही ड्यूटी देने के लिए गांवों मेें पहुंचते हैं। जिस कारण लोग अपने त्रुटिपूर्ण विद्युत बिल ठीक कराने, बिल जमा कराने, नया विद्युत कनेक्शन लेने सहित विद्युत आपूर्ति सुचारु करने के लिए दर-दर भटकते रहे हैं, आलम यह हे कि कई-कई बार फोन करने के बाद भी जेई फोन नहीं उठाते। अपने आवासों से ही सभी जेई ड्यूटी करते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को कैसे धरातल पर उतारा जा सकता है। आक्रोशित लोगों ने कान्हड बिजलीघर, एक्सईएन द्वितीय सहित तहसील पहुंचकर निगम के अफसरों की शिकायत की। साथ ही चेकिंग के नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली का आरोप लगाया। इस संबंध मेें एक्सईएन द्वितीय यादवेंद्र ने कहा कान्हड बिजलीघर से जुड़े क्षेत्र में विद्युत फाल्ट होने के कारण परेशानी पैदा हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले दो दिन से चल रहे बरसात से क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की विद्युत व्यवस्था चौपट हो गई। विद्युत आपूर्ति सुचारु कराने के लिए लोग कर्मचारियों व अधिकारियों के फोन मिलाते रहे, लेकिन किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने लोगों के फोन रिसीव करना भी उचित नहीं समझा। आक्रोशित लोगों ने निगम के खिलाफ नारेबाजी की और अवर अभियंता व एसडीओ पर क्षेत्र में न रहकर अपने आवासों से ड्यूटी करने सहित फोन रिसीव न करने का आरोप लगाए।ं बाद में समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बरसात से सबसे ज्यादा विद्युत व्यवस्था एक्सईएन द्वितीय कार्यालय से जुडे़ बिजरौल, बामनौली, दोघट, पुसार, दाहा, संतनगर, रंछाड़, सिरसली, कान्हड, कंडेरा, छछरपुर, गूंगाखेड़ी सहित दर्जनों गांवों में ठप रही। बरसात शुरू होते ही इन तमाम गांवों मेें विद्युत व्यवस्था ठप हो गई । इससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया। विद्युत आपूर्ति सुचारु कराने के लिए लोग निगम के अफसरों व कर्मचारियों को फोन मिलाते रहे, लेकिन किसी ने भी फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र के गांवों मेें तैनात अधिकांश अवर अभियंता बड़ौत नगर में रहते हैं, नाममात्र ही ड्यूटी देने के लिए गांवों मेें पहुंचते हैं। जिस कारण लोग अपने त्रुटिपूर्ण विद्युत बिल ठीक कराने, बिल जमा कराने, नया विद्युत कनेक्शन लेने सहित विद्युत आपूर्ति सुचारु करने के लिए दर-दर भटकते रहे हैं, आलम यह हे कि कई-कई बार फोन करने के बाद भी जेई फोन नहीं उठाते। अपने आवासों से ही सभी जेई ड्यूटी करते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को कैसे धरातल पर उतारा जा सकता है। आक्रोशित लोगों ने कान्हड बिजलीघर, एक्सईएन द्वितीय सहित तहसील पहुंचकर निगम के अफसरों की शिकायत की। साथ ही चेकिंग के नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली का आरोप लगाया। इस संबंध मेें एक्सईएन द्वितीय यादवेंद्र ने कहा कान्हड बिजलीघर से जुड़े क्षेत्र में विद्युत फाल्ट होने के कारण परेशानी पैदा हुई।
विज्ञापन