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तीस साल बाद डोला के तालाब में पहुंचा पानी
Updated Wed, 18 Apr 2018 01:36 AM IST
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बागपत। जल पुरुष राजेंद्र सिंह के पैतृक गांव डौला स्थित गोसाई वाले तालाब में आखिरकार पानी पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है। ग्रामीण पर्यावरण विकास संस्था के सचिव कृष्णपाल की पहल पर रजबाहे से तालाब में पानी भरवाना शुरू कर दिया है। तालाब भरने से जल स्तर बढ़ेगा। गांव के लोगों का कहना है कि इससे लाभ होगा।
मेरठ-बागपत मार्ग पर डौला गांव में 30-35 बीघा का गोसाई वाला तालाब है। इसका प्रशासन ने जीर्णोंद्वार तो कराया, लेकिन उसमें पानी की व्यवस्था नहीं कर पाए थे। ग्रामीण पर्यावरण विकास संस्था के सचिव कृष्णपाल तालाब में पानी भरवाने के लिए सीडीओ चांदनी सिंह से मिले। उस दौरान सीडीओ को सुझाव दिया था कि इदरीशपुर रजबाहे के बिचपड़ी माइनर से बुढ़ेड़ा नाले से होते हुए डौला गांव के गोसाई तालाब में पानी पहुंचाया जा सकता है। सीडीओ ने प्रयास शुरू किए। सिंचाई विभाग ने गांव के प्रधानों के सहयोग से कार्य शुरू किया । लगभग छह माह के प्रयास के बाद मंगलवार को तालाब को भरने के लिए पानी पहुंच गया। कृष्णपाल सिंह ने बताया कि जिस जगह तालाब है वह प्रदूषण मुक्त क्षेत्र है। यहां पर गंदगी नहीं हो सकती है। पहले विदेशी पक्षी तक यहां पर प्रवास करते थे। जीव जंतुओं को काफी फायदा पहुंचेगा। गांव का भी जल स्तर बढ़ेगा। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार, सीडीओ चांदनी सिंह एसडीओ सिंचाई दिनेश कुमार त्यागी सहित सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सकारात्मक प्रयास किया, इसके चलते तालाब तक पानी पहुंचा।
रजबाहे की मरम्मत, हटवाए कब्जे
बागपत। ग्रामीण पर्यावरण विकास संस्था के सचिव कृष्णपाल सिंह ने बताया कि 14-15 किलो मीटर रजबाहे और नाले की भूमि पर मीटर दायरे में काफी जगह लोगों ने कब्जा किया हुआ। इसको प्रशासन के सहयोग से हटवाया गया और रजबाहे की मरम्मत करवाई। इसके बाद तालाब में पानी पहुंचा है।
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मेरठ-बागपत मार्ग पर डौला गांव में 30-35 बीघा का गोसाई वाला तालाब है। इसका प्रशासन ने जीर्णोंद्वार तो कराया, लेकिन उसमें पानी की व्यवस्था नहीं कर पाए थे। ग्रामीण पर्यावरण विकास संस्था के सचिव कृष्णपाल तालाब में पानी भरवाने के लिए सीडीओ चांदनी सिंह से मिले। उस दौरान सीडीओ को सुझाव दिया था कि इदरीशपुर रजबाहे के बिचपड़ी माइनर से बुढ़ेड़ा नाले से होते हुए डौला गांव के गोसाई तालाब में पानी पहुंचाया जा सकता है। सीडीओ ने प्रयास शुरू किए। सिंचाई विभाग ने गांव के प्रधानों के सहयोग से कार्य शुरू किया । लगभग छह माह के प्रयास के बाद मंगलवार को तालाब को भरने के लिए पानी पहुंच गया। कृष्णपाल सिंह ने बताया कि जिस जगह तालाब है वह प्रदूषण मुक्त क्षेत्र है। यहां पर गंदगी नहीं हो सकती है। पहले विदेशी पक्षी तक यहां पर प्रवास करते थे। जीव जंतुओं को काफी फायदा पहुंचेगा। गांव का भी जल स्तर बढ़ेगा। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार, सीडीओ चांदनी सिंह एसडीओ सिंचाई दिनेश कुमार त्यागी सहित सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सकारात्मक प्रयास किया, इसके चलते तालाब तक पानी पहुंचा।
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रजबाहे की मरम्मत, हटवाए कब्जे
बागपत। ग्रामीण पर्यावरण विकास संस्था के सचिव कृष्णपाल सिंह ने बताया कि 14-15 किलो मीटर रजबाहे और नाले की भूमि पर मीटर दायरे में काफी जगह लोगों ने कब्जा किया हुआ। इसको प्रशासन के सहयोग से हटवाया गया और रजबाहे की मरम्मत करवाई। इसके बाद तालाब में पानी पहुंचा है।
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