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जैन मंदिर में उतम त्यागी धर्म की पूजा
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:23 AM IST
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बागपत।
दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मूलनायक भगवान अजितनाथ का अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की शांतिधारा की और नित्य नियम की पूजा की गई।
शनिवार को शांतिधारा मोहित जैन, संदीप जैन ने की। आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की पूजा की गई। मयंक जैन ने कहा कि इंसान को तेरा-मेरा नहीं करना चाहिए। इंसान दुनिया में खाली हाथ आया था और उसे खाली हाथ ही जाना है। प्रत्येक व्यक्ति को त्याग की भावना अपनानी चाहिए। त्याग के भाव से जीवन का उद्धार हो जाएगा और मोक्ष का रास्ता खुल जाएगा। मुनि सुब्रत विधान का आयोजन किया गया, जिसमें 108 मंत्रोच्चार के साथ मांडले चढ़ाए गए। विधान पंकज जैन, पीयूष जैन, आशा जैन, मुकेश जैन ने किया। जैन जागरण मंच के तत्वावधान में सामूहिक आरती का आयोजन हुआ। विनीत जैन ने दीप प्रज्ज्वलित किया। आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। विनीत जैन, मनीष, अनिल, कुनाल, विकास, सुनील, अर्चना, बबीता, लवली, नीलम, संगीता और सुनीता मौजूद रही।
पशुओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना
बागपत। दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में दशलक्षण विधान के दौरान शनिवार को पशुओं की आत्मा की शांति के लिए भी प्रार्थना की गई। जैन जागरण मंच के मयंक जैन ने बताया कि बकरीद पर बड़ी संख्या में पशुओं की कुर्बानी दी गई है। इन पशुओं की आत्मा के लिए ण्मोकार मंत्र का जाप किया गया।
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दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मूलनायक भगवान अजितनाथ का अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की शांतिधारा की और नित्य नियम की पूजा की गई।
शनिवार को शांतिधारा मोहित जैन, संदीप जैन ने की। आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की पूजा की गई। मयंक जैन ने कहा कि इंसान को तेरा-मेरा नहीं करना चाहिए। इंसान दुनिया में खाली हाथ आया था और उसे खाली हाथ ही जाना है। प्रत्येक व्यक्ति को त्याग की भावना अपनानी चाहिए। त्याग के भाव से जीवन का उद्धार हो जाएगा और मोक्ष का रास्ता खुल जाएगा। मुनि सुब्रत विधान का आयोजन किया गया, जिसमें 108 मंत्रोच्चार के साथ मांडले चढ़ाए गए। विधान पंकज जैन, पीयूष जैन, आशा जैन, मुकेश जैन ने किया। जैन जागरण मंच के तत्वावधान में सामूहिक आरती का आयोजन हुआ। विनीत जैन ने दीप प्रज्ज्वलित किया। आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। विनीत जैन, मनीष, अनिल, कुनाल, विकास, सुनील, अर्चना, बबीता, लवली, नीलम, संगीता और सुनीता मौजूद रही।
पशुओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना
बागपत। दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में दशलक्षण विधान के दौरान शनिवार को पशुओं की आत्मा की शांति के लिए भी प्रार्थना की गई। जैन जागरण मंच के मयंक जैन ने बताया कि बकरीद पर बड़ी संख्या में पशुओं की कुर्बानी दी गई है। इन पशुओं की आत्मा के लिए ण्मोकार मंत्र का जाप किया गया।
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