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श्रेष्ठ कर्म करने वाले व्यक्ति की कभी नहीं होती परेशानी : वसुनंदी
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बागपत। दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य वसुनंदी महाराज ने कहा कि श्रेष्ठ कर्म करने वाले व्यक्ति को कभी हानि या परेशानी नहीं हो सकती। श्रद्धा के द्वारा ही हम अपने जीवन का कल्याण कर सकते हैं।
जैन संत ने कहा यह सत्य है कि श्रेष्ठ कर्म करने वाला अपने लिए अच्छे दिनों के बीज बो रहा है। साथ ही यह भी सत्य है कि बुरे कर्म करने वाले को कोई भी दुर्गति से बचा नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यह संसार नश्वर है। यहां जो पैदा हुआ है उसका मरना निश्चित है। देवशास्त्र गुरु की भक्ति, पूजन, अभिषेक धार्मिक क्रिया है। जीवन के कल्याण का कोई गुप्त मार्ग नहीं है। अच्छी श्रद्धा, वाणी और भाव के द्वारा इसे प्राप्त किया जा सकता है। जैन मुनि शिवानंद महाराज ने कहा कि जिस प्रकार चीनी की मिठास तभी प्राप्त हो सकती है, जब उसे दूसरा अथवा पेय पदार्थ में मिला दिया जाता है। ससंघ जैन मुनि सरूरपुर कलां के लिए पदविहार किया। इस दौरान पंकज जैन, आनंद जैन, शिखरचंद जैन, राकेश मित्तल, पीयूष जैन, अतुल जैन, बिजेंद्र जैन, लवी जैन, पंडित हंसराज जैन मौजूद रहे।
विधान में अर्पित किए 48 अर्ध्य
बागपत। सरूरपुर कलां स्थित श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर महामंडल विधान में 25वें दिन श्री जी का अभिषेक और शांतिधारा का आयोजन किया। महामंडल विधान विधान में 48 अर्ध्य चढ़ाए गए। विधान निदेशक नमन जैन ने धर्म सभा को संबोधित किया। विधान प्रिया जैन पत्नी नितिन जैन कांधला वालों ने किया। इस दौरान लक्ष्य, वैशाली, पूर्ती, मेघा, प्रज्ञा, सिम्मी, शालू, गीता, संतोष, मंजू, अनिता, सपना, जूली, ऊषा, सुव्रत, अदिति, प्रिया मौजूद रहे।
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जैन संत ने कहा यह सत्य है कि श्रेष्ठ कर्म करने वाला अपने लिए अच्छे दिनों के बीज बो रहा है। साथ ही यह भी सत्य है कि बुरे कर्म करने वाले को कोई भी दुर्गति से बचा नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यह संसार नश्वर है। यहां जो पैदा हुआ है उसका मरना निश्चित है। देवशास्त्र गुरु की भक्ति, पूजन, अभिषेक धार्मिक क्रिया है। जीवन के कल्याण का कोई गुप्त मार्ग नहीं है। अच्छी श्रद्धा, वाणी और भाव के द्वारा इसे प्राप्त किया जा सकता है। जैन मुनि शिवानंद महाराज ने कहा कि जिस प्रकार चीनी की मिठास तभी प्राप्त हो सकती है, जब उसे दूसरा अथवा पेय पदार्थ में मिला दिया जाता है। ससंघ जैन मुनि सरूरपुर कलां के लिए पदविहार किया। इस दौरान पंकज जैन, आनंद जैन, शिखरचंद जैन, राकेश मित्तल, पीयूष जैन, अतुल जैन, बिजेंद्र जैन, लवी जैन, पंडित हंसराज जैन मौजूद रहे।
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विधान में अर्पित किए 48 अर्ध्य
बागपत। सरूरपुर कलां स्थित श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर महामंडल विधान में 25वें दिन श्री जी का अभिषेक और शांतिधारा का आयोजन किया। महामंडल विधान विधान में 48 अर्ध्य चढ़ाए गए। विधान निदेशक नमन जैन ने धर्म सभा को संबोधित किया। विधान प्रिया जैन पत्नी नितिन जैन कांधला वालों ने किया। इस दौरान लक्ष्य, वैशाली, पूर्ती, मेघा, प्रज्ञा, सिम्मी, शालू, गीता, संतोष, मंजू, अनिता, सपना, जूली, ऊषा, सुव्रत, अदिति, प्रिया मौजूद रहे।
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