{"_id":"5c252c08bdec2256c0653120","slug":"101545939976-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खून से लाल हुई सड़कें, हादसों में 119 लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खून से लाल हुई सड़कें, हादसों में 119 लोगों की मौत
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बागपत। हादसों के चलते सालभर जिले की सड़कें खून से लाल रही। कभी यातायात के नियमों का पालन न करने तो कभी सड़कों के गड्ढों के कारण हादसे हुए। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे, मेरठ-बागपत हाईवे, बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग, बड़ौत-छपरौली मार्ग समेत अन्य लिंक मार्गों पर वर्ष 2018 के नवंबर माह तक 245 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। हादसों में 119 लोगों की मौत हो गई और 220 लोग घायल हुए हैं। सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बेतरतीब चलने वाला यातायात रहा। दुपहिया वाहनों पर चलते समय हेलमेट नहीं लगाने के कारण लोगों की जान चली गई। सड़कों के गड्ढे भी हादसों का कारण रहे। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के शुरू हो जाने से दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ा। एक्सप्रेस-वे पर ओवर स्पीड, गलत साइड से वाहनों के चलने के कई कई बड़े हादसे हुए।
एक्सप्रेस-वे पर जिंदा जल गया ट्रक चालक
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर दिसंबर माह में दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई थी। टक्कर इतना भयंकर थी कि दोनों ट्रकों में आग लग गई। एक ट्रक का चालक जिंदा जल गया था।
छपरौली में तीन भाइयों की हुई मौत
बागपत। छपरौली में चार माह पहले बाइक पर कैराना लौट रहे तीन भाइयों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। कार सवार ने बाइक में टक्कर मार दी थी। बाइक सवार युवक हेलमेट नहीं लगाए हुए थे।
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नियमों का पालन करें तो बचेगी जिंदगियां
बागपत। सीओ ट्रैफिक दिलीप सिंह ने बताया कि लोग यातायात नियमों का पालन करें तो हादसों को रोका जा सकता हैै। हेलमेट लगाने से लोगों की जिंदगियां बच सकती है।
बचकर चलें, यहां होते हैं हादसे
बागपत। मवी कलां गांव में मंदिर के पास, बागपत में आशीर्वाद मैरिज होम के पास, बागपत में खंड विकास कार्यालय के पास, गौरीपुर मोड़, गुफा मंदिर, नैथला पुलिया, सरूरपुर में बस स्टैंड, अग्रवाल मंडी टटीरी में सर्वोदय स्कूल के पास, मीतली रजबहे के पास, पिलाना भट्ठा, डौला, सिंघावली अहीर पुलिया, खेकड़ा में पाठशाला चौक, बड़ौत में छपरौली चुंगी से बावली चंगी के बीच, बड़ौत में जेपी स्कूल से आस्था अस्पताल के बीच, ट्यौढ़ी बिजलीघर के पास, ट्यौढ़ी में नीलकंठ मंदिर से पुलिया तक, बड़ौत मार्ग पर गायत्री कॉलेज से कालिंदी कॉलेज तक, बड़ौत मार्ग पर आदर्श नंगला गांव और रटौल के निकट सबसे अधिक हादसे देखने में आए हैं।
हवाई दुर्घटना में बाल-बाल बचे पायलट
बागपत। इस साल पांच अक्तूबर को जिले में हवाई दुर्घटना भी हुई। रंछाड़ गांव के पास एयरफोर्स का प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हालांकि पायलट बाल-बाल बच गए थे।
मालगाड़ी की टूट गई थी कपलिंग
बागपत। पिछले सप्ताह ही बड़ौत में मालगाड़ी की कपलिंग टूट गई थी, जिससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई थी। इसके अलावा ट्रेन के सामने कूदकर मरने वालों की संख्या भी 15 के ऊपर रही। ट्रेन से गिरकर भी हादसों में लोगों की जान गई।
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एक्सप्रेस-वे पर जिंदा जल गया ट्रक चालक
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर दिसंबर माह में दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई थी। टक्कर इतना भयंकर थी कि दोनों ट्रकों में आग लग गई। एक ट्रक का चालक जिंदा जल गया था।
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छपरौली में तीन भाइयों की हुई मौत
बागपत। छपरौली में चार माह पहले बाइक पर कैराना लौट रहे तीन भाइयों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। कार सवार ने बाइक में टक्कर मार दी थी। बाइक सवार युवक हेलमेट नहीं लगाए हुए थे।
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नियमों का पालन करें तो बचेगी जिंदगियां
बागपत। सीओ ट्रैफिक दिलीप सिंह ने बताया कि लोग यातायात नियमों का पालन करें तो हादसों को रोका जा सकता हैै। हेलमेट लगाने से लोगों की जिंदगियां बच सकती है।
बचकर चलें, यहां होते हैं हादसे
बागपत। मवी कलां गांव में मंदिर के पास, बागपत में आशीर्वाद मैरिज होम के पास, बागपत में खंड विकास कार्यालय के पास, गौरीपुर मोड़, गुफा मंदिर, नैथला पुलिया, सरूरपुर में बस स्टैंड, अग्रवाल मंडी टटीरी में सर्वोदय स्कूल के पास, मीतली रजबहे के पास, पिलाना भट्ठा, डौला, सिंघावली अहीर पुलिया, खेकड़ा में पाठशाला चौक, बड़ौत में छपरौली चुंगी से बावली चंगी के बीच, बड़ौत में जेपी स्कूल से आस्था अस्पताल के बीच, ट्यौढ़ी बिजलीघर के पास, ट्यौढ़ी में नीलकंठ मंदिर से पुलिया तक, बड़ौत मार्ग पर गायत्री कॉलेज से कालिंदी कॉलेज तक, बड़ौत मार्ग पर आदर्श नंगला गांव और रटौल के निकट सबसे अधिक हादसे देखने में आए हैं।
हवाई दुर्घटना में बाल-बाल बचे पायलट
बागपत। इस साल पांच अक्तूबर को जिले में हवाई दुर्घटना भी हुई। रंछाड़ गांव के पास एयरफोर्स का प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हालांकि पायलट बाल-बाल बच गए थे।
मालगाड़ी की टूट गई थी कपलिंग
बागपत। पिछले सप्ताह ही बड़ौत में मालगाड़ी की कपलिंग टूट गई थी, जिससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई थी। इसके अलावा ट्रेन के सामने कूदकर मरने वालों की संख्या भी 15 के ऊपर रही। ट्रेन से गिरकर भी हादसों में लोगों की जान गई।