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डीबीटी योजना अधर में, 24 हजार कार्डधारक को इंतजार
Updated Wed, 19 Sep 2018 01:27 AM IST
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बागपत। पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब डेढ़ वर्ष पूर्व खेकड़ा तहसील का चयन डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) योजना के लिए हुआ था, जिसका कार्य अधर में लटका हुआ है। पहले आधार ने परेशानी में डाला, उसके बाद बैंक खातों ने। अब शासन से इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अभी पूर्व की तरह राशन का वितरण उपभोक्ताओं को हो रहा है।
राशन उपभोक्ताओं को गेहूं, चावल और मिट्टी का तेल न देकर वर्तमान दर पर उनके बैंक खाते में सभी सामग्री की धनराशि भेजे जाने के लिए शासन ने डीबीटी योजना संचालित कर रखी है। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत खेकड़ा तहसील के ग्रामीण क्षेत्र का चयन किया गया था, जिसके तहत 24 हजार कार्ड धारकों को इसका लाभ मिलना था। इस योजना के अमल में आने के बाद गेहूं, चावल और मिट्टी का तेल खरीदने के लिए कोटेदारों की दुकानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। जिला आपूर्ति विभाग की ओर से योजना के संचालित होते ही राशनकार्ड में यूनिट के अनुसार सभी के आधार कार्ड जमा करवाए गए। परिवार की मुखिया के बैंक खाते को आधार से लिंक कराने और सभी का खाता खुलवाने की कार्रवाई की गई। जिसके पास आधार नहीं थे उसके लिए जिला आपूर्ति विभाग ने मशीनों का सेटअप लगाकर आधार बनवाए। करीब एक वर्ष तक यह ही कार्य चला। लेकिन इसमें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा पड़ा।
राशन उपभोक्ताओं के आधार कार्ड बने तो बैंकों से आधार लिंक की परेशानी खड़ी हो गई। इसे दूर किया गया तो महिलाओं के खाते नहीं खुले मिले। लेकिन अब योजना योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। विभागीय अधिकारी इसके पीछे सॉफ्टवेयर की दिक्कत बता रहे हैं। उधर जिला आपूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने कहा कि योजना के संचालन के लिए आधार बनवाए, बैंक खाते लिंक करवाएं और महिलाओं के खाते खुलवाए गए। अब शासन से पीएसएमएस सॉफ्टवेयर से कार्रवाई की जा रही है। अभी तक सॉफ्टवेयर नहीं मिला। वहीं प्रदेश स्तर पर पकड़ी गई राशन में धांधली की वजह से भी कार्य प्रभावित हुआ है।
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कोटेदारों पर हो चुका है मुकदमा दर्ज
कोटेदारों द्वारा ई-पोश मशीन में गड़बड़ी कर की धांधली के कारण डीबीडी योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिले में 11 लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करावा गया है, जिसमें छह कोटेदार और उनके परिवार के लोग सहित कंप्यूटर एक्सपर्ट शामिल है। धांधली को रोकने के लिए केंद्र और प्रदेश स्तर से कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। डीएसओ चमन शर्मा ने बताया कि अभी प्रकरण में जांच चल रही है।
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इस तरह संचालित होगी योजना
बागपत। डीबीटी के तहत सभी उपभोक्ताओं का आधार कार्ड होना जरूरी है। परिवार के मुखिया का खाता, आधार खाते से लिंक होना चाहिए। उसके बाद परिवार में जितनी भी यूनिट है उसके आधार पर वर्तमान रेट पर गेहूं, चावल, मिट्टी का तेल का धनराशि सीधे खाते में जाएगी। कोटेदारों के दुकानों पर चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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डीबीटी के शुरू होने से कोटेदारों की दुकान होगी बंद
बागपत। डीबीटी योजना के शुरू होते ही दर्जनों सस्ते गल्ले की दुकानें बंद हो जाएंगी, जिस कारण सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
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राशन उपभोक्ताओं को गेहूं, चावल और मिट्टी का तेल न देकर वर्तमान दर पर उनके बैंक खाते में सभी सामग्री की धनराशि भेजे जाने के लिए शासन ने डीबीटी योजना संचालित कर रखी है। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत खेकड़ा तहसील के ग्रामीण क्षेत्र का चयन किया गया था, जिसके तहत 24 हजार कार्ड धारकों को इसका लाभ मिलना था। इस योजना के अमल में आने के बाद गेहूं, चावल और मिट्टी का तेल खरीदने के लिए कोटेदारों की दुकानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। जिला आपूर्ति विभाग की ओर से योजना के संचालित होते ही राशनकार्ड में यूनिट के अनुसार सभी के आधार कार्ड जमा करवाए गए। परिवार की मुखिया के बैंक खाते को आधार से लिंक कराने और सभी का खाता खुलवाने की कार्रवाई की गई। जिसके पास आधार नहीं थे उसके लिए जिला आपूर्ति विभाग ने मशीनों का सेटअप लगाकर आधार बनवाए। करीब एक वर्ष तक यह ही कार्य चला। लेकिन इसमें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा पड़ा।
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राशन उपभोक्ताओं के आधार कार्ड बने तो बैंकों से आधार लिंक की परेशानी खड़ी हो गई। इसे दूर किया गया तो महिलाओं के खाते नहीं खुले मिले। लेकिन अब योजना योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। विभागीय अधिकारी इसके पीछे सॉफ्टवेयर की दिक्कत बता रहे हैं। उधर जिला आपूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने कहा कि योजना के संचालन के लिए आधार बनवाए, बैंक खाते लिंक करवाएं और महिलाओं के खाते खुलवाए गए। अब शासन से पीएसएमएस सॉफ्टवेयर से कार्रवाई की जा रही है। अभी तक सॉफ्टवेयर नहीं मिला। वहीं प्रदेश स्तर पर पकड़ी गई राशन में धांधली की वजह से भी कार्य प्रभावित हुआ है।
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कोटेदारों पर हो चुका है मुकदमा दर्ज
कोटेदारों द्वारा ई-पोश मशीन में गड़बड़ी कर की धांधली के कारण डीबीडी योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिले में 11 लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करावा गया है, जिसमें छह कोटेदार और उनके परिवार के लोग सहित कंप्यूटर एक्सपर्ट शामिल है। धांधली को रोकने के लिए केंद्र और प्रदेश स्तर से कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। डीएसओ चमन शर्मा ने बताया कि अभी प्रकरण में जांच चल रही है।
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इस तरह संचालित होगी योजना
बागपत। डीबीटी के तहत सभी उपभोक्ताओं का आधार कार्ड होना जरूरी है। परिवार के मुखिया का खाता, आधार खाते से लिंक होना चाहिए। उसके बाद परिवार में जितनी भी यूनिट है उसके आधार पर वर्तमान रेट पर गेहूं, चावल, मिट्टी का तेल का धनराशि सीधे खाते में जाएगी। कोटेदारों के दुकानों पर चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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डीबीटी के शुरू होने से कोटेदारों की दुकान होगी बंद
बागपत। डीबीटी योजना के शुरू होते ही दर्जनों सस्ते गल्ले की दुकानें बंद हो जाएंगी, जिस कारण सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले लोग बेरोजगार हो जाएंगे।