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बिजली चोरी होने से शहर में बिजली व्यवस्था लड़खड़ाई
Updated Mon, 27 Aug 2018 01:00 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
नगर में बिजली चोरी होने के कारण बिजली व्यवस्था लड़खड़ा रही है। यह खेल कर्मचारियों से मिलीभगत कर खुलेआम खेला जा रहा है, जिस कारण ऊर्जा निगम को हर माह लाखो रुपये का चूना लग रहा है। इसका खुलासा चेकिंग अभियान से भी हो चुका है। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश पनप रहा है, क्योंकि बिजली चोरी होने से उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा व सही वोल्टेज मेें सप्लाई नहीं मिल रही है।
विद्युत निगम वर्तमान समय में नगर में चेकिंग अभियान चला जा रहा है। जेई टाऊन रवि प्रताप के अनुसार कई मकानों पर पूर्व में कटे विद्युत कनेक्शन जुडे़ मिले तो कई जगहों पर बिना कनेक्शन बिजली चोरी होती मिली। यहीं कारण है कि बिजली चोरी होने से लगातार बिजली व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। एक कर्मचारी ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा ही उपभोक्ताओं के साथ सांठगांठ कर बिजली चोरी कराई जा रही है। कर्मचारी उपभोक्ताओं को विद्युत चोरी कराते हैं, उसके बदले महीने मेें 500 से 1000 रुपये उपभोक्ता कर्मचारियों को देते हैं। कर्मचारी ने बताया कि कई कई मकानों मेें तो खुलेआम एसी तक चल रहे है, लेकिन वहां पर भी नाममात्र ही बिल भेजे जा रही है। इसको लेकर आम उपभोक्ताओं मेें आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि उपभोक्ताओं को सही वोल्टेज व पर्याप्त मात्रा मेें बिजली नहीं मिल पा रही है। जेई टाऊन रवि प्रताप ने कहा इस मामले में जांच की जा रही है। दोषी कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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नगर में बिजली चोरी होने के कारण बिजली व्यवस्था लड़खड़ा रही है। यह खेल कर्मचारियों से मिलीभगत कर खुलेआम खेला जा रहा है, जिस कारण ऊर्जा निगम को हर माह लाखो रुपये का चूना लग रहा है। इसका खुलासा चेकिंग अभियान से भी हो चुका है। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश पनप रहा है, क्योंकि बिजली चोरी होने से उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा व सही वोल्टेज मेें सप्लाई नहीं मिल रही है।
विद्युत निगम वर्तमान समय में नगर में चेकिंग अभियान चला जा रहा है। जेई टाऊन रवि प्रताप के अनुसार कई मकानों पर पूर्व में कटे विद्युत कनेक्शन जुडे़ मिले तो कई जगहों पर बिना कनेक्शन बिजली चोरी होती मिली। यहीं कारण है कि बिजली चोरी होने से लगातार बिजली व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। एक कर्मचारी ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा ही उपभोक्ताओं के साथ सांठगांठ कर बिजली चोरी कराई जा रही है। कर्मचारी उपभोक्ताओं को विद्युत चोरी कराते हैं, उसके बदले महीने मेें 500 से 1000 रुपये उपभोक्ता कर्मचारियों को देते हैं। कर्मचारी ने बताया कि कई कई मकानों मेें तो खुलेआम एसी तक चल रहे है, लेकिन वहां पर भी नाममात्र ही बिल भेजे जा रही है। इसको लेकर आम उपभोक्ताओं मेें आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि उपभोक्ताओं को सही वोल्टेज व पर्याप्त मात्रा मेें बिजली नहीं मिल पा रही है। जेई टाऊन रवि प्रताप ने कहा इस मामले में जांच की जा रही है। दोषी कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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