{"_id":"5aad77194f1c1bb9758b5df8","slug":"101521317657-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हैंडपंपों के ई-टेंडरिंग में धांधली का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हैंडपंपों के ई-टेंडरिंग में धांधली का आरोप
Updated Sun, 18 Mar 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट (बागपत)।
जल निगम बागपत में हैंडपंपों के ई-टेंडरिंग में धांधली का आरोप लगाकर ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ई-टेंडरिंग निरस्त कराने की मांग की।
उन्होंने सीएम को भेजे पत्र में बताया कि जल निगम बागपत ने सात मार्च को ई-टेंडरिंग के द्वारा हैंडपंप की निविदाएं मांगी । इनमें ई-टेंडरिंग में विभाग द्वारा मनमाने नियमों बनाकर एक विशेष ठेकेदार को फायदा दिया। एक ही जोन में अलग-अलग जनपदों में अधिकारियों द्वारा मनमाने अलग-अलग नियम अपनाए हैं। बागपत में अन्य सभी जनपदों से अलग मनमाना नियम लागू किया है। इनमें विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाकर सभी विकास खंडों के हैंडपंप की निविदाएं कार्य एक ही ठेकेदार को दे दी। जो सरासर नियम कानून का उल्लंघन है। मेरठ और बागपत की निविदाएं एक ही दिन अधीक्षण अभियंता की मौजूदगी में खोली है। इसमें बागपत जनपद के ठेकेदारों की प्रपत्रों में कमी दर्शाकर विशेष ठेकेदार को टेंडर दे दिए। जबकि वही समान प्रपत्र मेरठ जनपद में स्वीकार कर लिए गए। उन्होंने मांग की कि इसमें समान नियमों की प्रक्रिया एवं बागपत में ई-टेंडरिंग निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा यदि समस्या का समाधान नहीं किया तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इनमें महीपाल ठेकेदार, तेजपाल ठेकेदार, बिजेंद्र ठेकेदार, संजीव ठेकेदार, लोकेंद्र ठेकेदार आदि रहे।
विज्ञापन
जल निगम बागपत में हैंडपंपों के ई-टेंडरिंग में धांधली का आरोप लगाकर ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ई-टेंडरिंग निरस्त कराने की मांग की।
उन्होंने सीएम को भेजे पत्र में बताया कि जल निगम बागपत ने सात मार्च को ई-टेंडरिंग के द्वारा हैंडपंप की निविदाएं मांगी । इनमें ई-टेंडरिंग में विभाग द्वारा मनमाने नियमों बनाकर एक विशेष ठेकेदार को फायदा दिया। एक ही जोन में अलग-अलग जनपदों में अधिकारियों द्वारा मनमाने अलग-अलग नियम अपनाए हैं। बागपत में अन्य सभी जनपदों से अलग मनमाना नियम लागू किया है। इनमें विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाकर सभी विकास खंडों के हैंडपंप की निविदाएं कार्य एक ही ठेकेदार को दे दी। जो सरासर नियम कानून का उल्लंघन है। मेरठ और बागपत की निविदाएं एक ही दिन अधीक्षण अभियंता की मौजूदगी में खोली है। इसमें बागपत जनपद के ठेकेदारों की प्रपत्रों में कमी दर्शाकर विशेष ठेकेदार को टेंडर दे दिए। जबकि वही समान प्रपत्र मेरठ जनपद में स्वीकार कर लिए गए। उन्होंने मांग की कि इसमें समान नियमों की प्रक्रिया एवं बागपत में ई-टेंडरिंग निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा यदि समस्या का समाधान नहीं किया तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इनमें महीपाल ठेकेदार, तेजपाल ठेकेदार, बिजेंद्र ठेकेदार, संजीव ठेकेदार, लोकेंद्र ठेकेदार आदि रहे।