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मलकपुर मिल में किसानों ने किया हंगामा
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:22 AM IST
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बड़ौत (बागपत) । मलकपुर चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर तीन घंटे तक हंगामा किया और अधिकारियों को बाहर निकालकर कार्यालय पर तालाबंदी की। इस दौरान मिल अधिकारियों से किसानों की तीखी नोकझोंक हुई।
लोयन मलकपुर से निकलने वाले गंदे नाले की खुदाई और सफाई कराने, मिल के बाहर पड़ी छाई पर मिट्टी डालने तथा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग को लेकर किसान काफी संख्या में मलकपुर मिल पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन कर मिल कार्यालय से गन्ना महाप्रबंधक मुकेश मलिक, विजय जैन सहित अन्य अधिकारियों को बाहर निकालकर तालाबंदी की। उनका कहना है कि लोयन मलकपुर से निकलने वाले नाले का पानी इतना दूषित हो चुका है कि कई लोग कैंसर से मर चुके हैं। लेकिन मिल की ओर से खुदाई व सफाई आज तक नहीं की गई। वहीं, मिल के बाहर पड़ी छाई से प्रदूषण फैल रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में मिल अधिकारियों ने मिट्टी डालने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक नहीं डाली गई। इस दौरान अधिकारियों की किसानों से तीखी नोकझोंक हुई। बाद में चेतावनी दी गई कि यदि तीन दिन में नाले की खुदाई और सफाई का कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। इस दौरान गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन धर्मेंद्र तोमर, दीपक प्रधान, रविंद्र, अनिरूद्ध, मुकेश, डॉ. प्रताप, कृष्णपाल प्रधान, यशवीर, वीरेंद्र, चंद्रपाल, भोपाल सिंह, जितेंद्र तोमर आदि शामिल रहे।
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लोयन मलकपुर से निकलने वाले गंदे नाले की खुदाई और सफाई कराने, मिल के बाहर पड़ी छाई पर मिट्टी डालने तथा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग को लेकर किसान काफी संख्या में मलकपुर मिल पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन कर मिल कार्यालय से गन्ना महाप्रबंधक मुकेश मलिक, विजय जैन सहित अन्य अधिकारियों को बाहर निकालकर तालाबंदी की। उनका कहना है कि लोयन मलकपुर से निकलने वाले नाले का पानी इतना दूषित हो चुका है कि कई लोग कैंसर से मर चुके हैं। लेकिन मिल की ओर से खुदाई व सफाई आज तक नहीं की गई। वहीं, मिल के बाहर पड़ी छाई से प्रदूषण फैल रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में मिल अधिकारियों ने मिट्टी डालने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक नहीं डाली गई। इस दौरान अधिकारियों की किसानों से तीखी नोकझोंक हुई। बाद में चेतावनी दी गई कि यदि तीन दिन में नाले की खुदाई और सफाई का कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। इस दौरान गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन धर्मेंद्र तोमर, दीपक प्रधान, रविंद्र, अनिरूद्ध, मुकेश, डॉ. प्रताप, कृष्णपाल प्रधान, यशवीर, वीरेंद्र, चंद्रपाल, भोपाल सिंह, जितेंद्र तोमर आदि शामिल रहे।
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