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अनशन पर बैठी सुमन की हालत बिगड़ी, अनशन खत्म
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:21 AM IST
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सुमन की हालत बिगड़ी, अनशन खत्म
- बामनौली में किसान की आत्महत्या का मामला
- एसडीएम और सीओ के आश्वासन पर अनशन से उठे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में गलत चकबंदी से आहत होकर आत्महत्या करने वाले किसान केे परिवार का अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। अन्न और जल का त्याग कर रही किसान की पत्नी सुमन की हालत बिगड़ गई। ग्रामीणों ने गंाव में ही सुमन का उपचार कराया। बामनौली गांव में शुक्रवार देर रात एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार द्विवेदी और सीओ रामानंद कुशवाहा के आश्वासन पर अनशन खत्म कर दिया गया।
बामनौली गांव में किसान कृष्णपाल के परिवार का तीसरे दिन भी अनशन जारी रहा। न्याय की मांग को लेकर पत्नी सुमन, बेटी भावना, प्रियांशी, बेटे महेश और प्रशांत ने तीन दिन से अन्न और जल का त्याग कर दिया था। उनका कहना है कि जब तक उन्हे इंसाफ नहीं मिलेगा, वे अन्न और जल ग्रहण नहीं करेंगे।
शुक्रवार को अनशन पर सुमन की हालात बिगड़ गई। सुमन ने बताया कि बृहस्पतिवार को डीएम के आश्वासन के बाद भी कोई चकबंदी अधिकारी उनके पास नहीं आया है। इससे लगता है कि उसकी पति की मौत का उन पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्रशासन को उनकी कोई चिंता नहीं है। शुक्रवार को भी पूरे दिन वे चकबंदी अधिकारियों की बाट देखते रहे। लेकिन कोई नहीं आया। इस बीच, एसडीएम ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री आवासीय योजना के तहत उनका मकान बनाया जाएगा। घर में तुरंत शौचालय का निर्माण कराया जाएगा और राशन भी उपलब्ध कराया जाएगा। शनिवार को उनके घर राशन पहुंच जाएगा। जिस स्कूल में किसान के बच्चें पढ़ रहे है, उनकी फीस माफ कराने का प्रयास किया जाएगा। बकाया विद्युत बिल में राहत दिलाई जाएगी। एसडीएम ने उन्हें पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया। उधर, चकबंदी विभाग के अधिकारी गांव नहीं पहुंच रहे हैं। एसओसी अजय उपाध्याय गांव के बाहर से लौट गए थे। एसओसी का तर्क था कि गांव में माहौल खराब होने का डर है। इसलिए वह गांव नहीं गए।
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- बामनौली में किसान की आत्महत्या का मामला
- एसडीएम और सीओ के आश्वासन पर अनशन से उठे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में गलत चकबंदी से आहत होकर आत्महत्या करने वाले किसान केे परिवार का अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। अन्न और जल का त्याग कर रही किसान की पत्नी सुमन की हालत बिगड़ गई। ग्रामीणों ने गंाव में ही सुमन का उपचार कराया। बामनौली गांव में शुक्रवार देर रात एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार द्विवेदी और सीओ रामानंद कुशवाहा के आश्वासन पर अनशन खत्म कर दिया गया।
बामनौली गांव में किसान कृष्णपाल के परिवार का तीसरे दिन भी अनशन जारी रहा। न्याय की मांग को लेकर पत्नी सुमन, बेटी भावना, प्रियांशी, बेटे महेश और प्रशांत ने तीन दिन से अन्न और जल का त्याग कर दिया था। उनका कहना है कि जब तक उन्हे इंसाफ नहीं मिलेगा, वे अन्न और जल ग्रहण नहीं करेंगे।
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शुक्रवार को अनशन पर सुमन की हालात बिगड़ गई। सुमन ने बताया कि बृहस्पतिवार को डीएम के आश्वासन के बाद भी कोई चकबंदी अधिकारी उनके पास नहीं आया है। इससे लगता है कि उसकी पति की मौत का उन पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्रशासन को उनकी कोई चिंता नहीं है। शुक्रवार को भी पूरे दिन वे चकबंदी अधिकारियों की बाट देखते रहे। लेकिन कोई नहीं आया। इस बीच, एसडीएम ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री आवासीय योजना के तहत उनका मकान बनाया जाएगा। घर में तुरंत शौचालय का निर्माण कराया जाएगा और राशन भी उपलब्ध कराया जाएगा। शनिवार को उनके घर राशन पहुंच जाएगा। जिस स्कूल में किसान के बच्चें पढ़ रहे है, उनकी फीस माफ कराने का प्रयास किया जाएगा। बकाया विद्युत बिल में राहत दिलाई जाएगी। एसडीएम ने उन्हें पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया। उधर, चकबंदी विभाग के अधिकारी गांव नहीं पहुंच रहे हैं। एसओसी अजय उपाध्याय गांव के बाहर से लौट गए थे। एसओसी का तर्क था कि गांव में माहौल खराब होने का डर है। इसलिए वह गांव नहीं गए।
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