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लाक्षागृह बरनावा के उत्खनन की तैयारियां अंतिम चरण में
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:06 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
बरनावा स्थित महाभारत कालीन लाक्षा गृह टीले का उत्खनन दिसंबर माह के तीसरे सप्ताह में प्रारंभ हो जाएगा। उत्खनन टीम की आवास व्यवस्था गुरुकुल में की जा रही है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में दिल्ली से उत्खनन के लिए साजो सामान लाया जाएगा।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के बैनर तले महाभारत कालीन लाक्षा गृह टीले के उत्खनन के प्रारंभ होने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्खनन दल में शामिल देश-विदेश के अनुसंधान कर्ताओं के आवास व्यवस्था व अन्य गोदाम आदि की व्यवस्थाओं को अमली जामा पहनाने के लिए शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक एवं उत्खनन समन्वयक अमित राय जैन ने संस्कृत गुरुकुल बरनावा का दौरा कर वहां के प्रधानाचार्य विनोद शास्त्री के साथ बैठक की। इस संबंध में प्रधानाचार्य को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की उत्खनन शाखा द्वितीय के निदेशक का अधिकारिक पत्र प्राप्त हो चुका है। उत्खनन में प्रयुक्त होने वाले साजो, सामान, औजार, पुराना किला दिल्ली और लाल किला दिल्ली स्थित कार्यालयों से लाए जाएंगे। अमित राय जैन ने बताया बरनावा उत्खनन में महाभारत काल में मानव के अध्ययन, रहन-सहन व अन्य सभ्यताओं के साथ उनके व्यापारिक संबंधों पर नया प्रकाश डालेगा। विश्व भर के पुरातत्व प्रेमी और अनुसंधान करने वालों की निगाहें बरनावा उत्खनन पर लगी है।
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बरनावा स्थित महाभारत कालीन लाक्षा गृह टीले का उत्खनन दिसंबर माह के तीसरे सप्ताह में प्रारंभ हो जाएगा। उत्खनन टीम की आवास व्यवस्था गुरुकुल में की जा रही है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में दिल्ली से उत्खनन के लिए साजो सामान लाया जाएगा।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के बैनर तले महाभारत कालीन लाक्षा गृह टीले के उत्खनन के प्रारंभ होने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्खनन दल में शामिल देश-विदेश के अनुसंधान कर्ताओं के आवास व्यवस्था व अन्य गोदाम आदि की व्यवस्थाओं को अमली जामा पहनाने के लिए शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक एवं उत्खनन समन्वयक अमित राय जैन ने संस्कृत गुरुकुल बरनावा का दौरा कर वहां के प्रधानाचार्य विनोद शास्त्री के साथ बैठक की। इस संबंध में प्रधानाचार्य को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की उत्खनन शाखा द्वितीय के निदेशक का अधिकारिक पत्र प्राप्त हो चुका है। उत्खनन में प्रयुक्त होने वाले साजो, सामान, औजार, पुराना किला दिल्ली और लाल किला दिल्ली स्थित कार्यालयों से लाए जाएंगे। अमित राय जैन ने बताया बरनावा उत्खनन में महाभारत काल में मानव के अध्ययन, रहन-सहन व अन्य सभ्यताओं के साथ उनके व्यापारिक संबंधों पर नया प्रकाश डालेगा। विश्व भर के पुरातत्व प्रेमी और अनुसंधान करने वालों की निगाहें बरनावा उत्खनन पर लगी है।
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