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बड़ौत में बैंकों पर लटके रहे ताले
Updated Wed, 23 Aug 2017 01:27 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
यूनाइटिड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर सरकार की निजीकरण एवं बैंकों के विलय करने की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़ौत तहसील के सभी बैंकों में हड़ताल रही। इस दौरान मंगलवार को समस्त बैंकों में ताले लटके रहे।
बड़ौत तहसील क्षेत्र के समस्त बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारी बड़ौत में सिंडिकेट बैंक मुख्य शाखा के सामने एकत्रित हुए तथा सरकार की जन विरोधी एवं श्रमिक विरोधी नीति के विरोध में प्रदर्शन किया। इस अवसर पर यूएफबीयू के संयोजक विक्रम सिंह आर्य ने बताया सरकार बैंकों का निजीकरण कर रही है और रोजगार छीन रही है। बैंकों में पहले से ही तीन लाख कर्मचारियों की कमी है। बैंकों में पिछले पांच सालों में 35 गुना वर्क लोड बढ़ा है। फिर भी सरकार बैंकों में भर्तियां नहीं कर रही है। बड़े उद्योगपतियों के लोन माफ किए जा रहे हैं। बैंक कर्मचारियों के संगठन सरकार की इन जन विरोधी नीतियों का विरोध करते रहेंगें। इसमें देवेंद्र कुमार, मोनू कुमार, प्रमोद, सनोज तोमर, सुधीर शर्मा, आनंद सोनी, दीपक कुमार, हेमंत कुमार, मदन कुमार, अजीत कुमार, अभिषेक, राजेश झा, मोहम्मद नवाज, अशोक कुमार, प्रकाश चंद, सचिन कुमार आदि रहे।
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यूनाइटिड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर सरकार की निजीकरण एवं बैंकों के विलय करने की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़ौत तहसील के सभी बैंकों में हड़ताल रही। इस दौरान मंगलवार को समस्त बैंकों में ताले लटके रहे।
बड़ौत तहसील क्षेत्र के समस्त बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारी बड़ौत में सिंडिकेट बैंक मुख्य शाखा के सामने एकत्रित हुए तथा सरकार की जन विरोधी एवं श्रमिक विरोधी नीति के विरोध में प्रदर्शन किया। इस अवसर पर यूएफबीयू के संयोजक विक्रम सिंह आर्य ने बताया सरकार बैंकों का निजीकरण कर रही है और रोजगार छीन रही है। बैंकों में पहले से ही तीन लाख कर्मचारियों की कमी है। बैंकों में पिछले पांच सालों में 35 गुना वर्क लोड बढ़ा है। फिर भी सरकार बैंकों में भर्तियां नहीं कर रही है। बड़े उद्योगपतियों के लोन माफ किए जा रहे हैं। बैंक कर्मचारियों के संगठन सरकार की इन जन विरोधी नीतियों का विरोध करते रहेंगें। इसमें देवेंद्र कुमार, मोनू कुमार, प्रमोद, सनोज तोमर, सुधीर शर्मा, आनंद सोनी, दीपक कुमार, हेमंत कुमार, मदन कुमार, अजीत कुमार, अभिषेक, राजेश झा, मोहम्मद नवाज, अशोक कुमार, प्रकाश चंद, सचिन कुमार आदि रहे।
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