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प्रशिक्षित युवाआें को किया जाए सेवायोजित
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:45 AM IST
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अपर आयुक्त सभागार कक्ष में बुधवार को स्किल इंस्टीट्यूट स्थापित करने के उद्देश्य से अपर आयुक्त प्रशासन अनिल कुमार मिश्र की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलों से आए विषय विशेषज्ञों ने अपनेे-अपने सुझाव दिए।
प्रदेश में युवाओं को कौशल प्रदान के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत विभिन्न सेक्टरों के अलग-अलग माड्यूल में निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
इसी क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा कौशल विकास को और अधिक मजबूती प्रदान के लिए स्किल इंस्टीट्यूट की स्थापना की जानी है। कौशल विकास मिशन मऊ के जिला प्रबंधक नवनीत श्रीवास्तव ने इसके उद्देश्य और आवश्यकता सहित कार्यप्रणाली के बारे में बताया।
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कहा कि इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य आईटीआई, पालिटेक्निक कौशल विकास मिशन तथा अन्य एजंसी द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार, कार्यप्रणाली के अनुश्रवण तथा इनके गैप्स की पहचान कर आवश्यकतानुसार माड्यूल में परिवर्तन और लचीलापन प्रदान करना है।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया डॉ.. पीके सिंह ने सरकारी क्षेत्र में आउटसोर्सिंग द्वारा की जा रही नियुक्तियों में कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षित युवाओं को वरीयता के आधार पर सेवायोजित करने का सुझाव दिया।
इस मौके पर अजीत कुमार सिंह, कमलेश कुमार श्रीवास्तव, अमरेंद्र कुमार पांडेय, राजेश सिंह, डा. एके सिंह, एजाज अहमद आदि मौजूद थे।
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प्रदेश में युवाओं को कौशल प्रदान के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत विभिन्न सेक्टरों के अलग-अलग माड्यूल में निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
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इसी क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा कौशल विकास को और अधिक मजबूती प्रदान के लिए स्किल इंस्टीट्यूट की स्थापना की जानी है। कौशल विकास मिशन मऊ के जिला प्रबंधक नवनीत श्रीवास्तव ने इसके उद्देश्य और आवश्यकता सहित कार्यप्रणाली के बारे में बताया।
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कहा कि इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य आईटीआई, पालिटेक्निक कौशल विकास मिशन तथा अन्य एजंसी द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार, कार्यप्रणाली के अनुश्रवण तथा इनके गैप्स की पहचान कर आवश्यकतानुसार माड्यूल में परिवर्तन और लचीलापन प्रदान करना है।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया डॉ.. पीके सिंह ने सरकारी क्षेत्र में आउटसोर्सिंग द्वारा की जा रही नियुक्तियों में कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षित युवाओं को वरीयता के आधार पर सेवायोजित करने का सुझाव दिया।
इस मौके पर अजीत कुमार सिंह, कमलेश कुमार श्रीवास्तव, अमरेंद्र कुमार पांडेय, राजेश सिंह, डा. एके सिंह, एजाज अहमद आदि मौजूद थे।